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केंचुआ
हरिशंकर परसाई वो इतवार की छुट्टी के दिन मरे। वेतन लेकर क्रिया-कर्म का खर्च छोड़कर और वसीयत लिखकर। वह जब जीवित थे, तब घर की सीढ़ी ऐसी...
Rachnakunj .
Dec 10, 20231 min read


सच्ची पूजा
विभा गुप्ता "सॉरी दीदी, आज घर में कुछ काम आ गया तो पैसे उसी में खर्च हो गये। कल पक्का आपका सारा बकाया मैं चुकता कर दूँगा।" हाथ जोड़कर...
Rachnakunj .
Dec 10, 20232 min read


बटवारा
डॉ. अश्वनी कुमार मल्होत्रा आज की कहानी एक संयुक्त परिवार की कहानी है। घर के मुख्य, आनंद स्वरुप अब वृद्ध हो चुके है, उन्हें हृदय रोग व...
Rachnakunj .
Dec 5, 20232 min read


मेरा कवि मेरा कमाल
(एक व्यंग) डॉ. जहान सिंह “जहान” आजकल कवि क्या कमाल करते हैं। शब्दों की भीड़ शब्दों का धरना शब्दों का प्रदर्शन कर साहित्य का ट्रैफिक जाम...
Rachnakunj .
Dec 5, 20231 min read


कवर
निरंजन धुलेकर बॉडी एक्सपोज़र और अंग प्रदर्शन पर पिता पुत्री में बात चीत हो रही थी, विषय ज़रा सेंसिटिव था और पीढ़ियों का अंतर भी साफ़ दिखाई पड़...
Rachnakunj .
Dec 4, 20231 min read


जाको राखे साइयां
डॉ ममता बहुत सालों पहले की बात है। मैं आई. सी. सी. यू. में जूनियर डॉक्टर की पोस्ट पर काम किया करती थी। अकसर शाम की ड्यूटी के खत्म होने से...
Rachnakunj .
Dec 4, 20232 min read


झूठा दिखावा
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक जंगल में बंदरों का बड़ा झुंड था। उस जंगल में खाने पीने की कोई कमी नहीं थी इसलिए सारे बंदर बहुत आराम और...
Rachnakunj .
Dec 3, 20233 min read


पश्चाताप
रमाकांत द्विवेदी राजीव अपनी कंपनी के किसी काम से अपनी ससुराल के नजदीकी शहर में गया था। काम खत्म होने के बाद जब वह वापस अपने गंतव्य की तरफ...
Rachnakunj .
Dec 3, 20234 min read


प्रेमा दीदी
सुधा श्रीवास्तव मैं जब नवी कक्षा में थी, तो मेरी हिंदी की अध्यापिका प्रेमा दीदी थीं। वह एकदम शुद्ध हिंदी बोलती थीं। वैसे तो वो बहुत सीधी...
Rachnakunj .
Dec 1, 20231 min read


नकल का अंजाम
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक पहाड़ की ऊंची चोटी पर एक गरुड़ रहता था। उसी पहाड़ की तलहटी में एक विशाल वृक्ष था, जिस पर एक कौआ अपना घोंसला...
Rachnakunj .
Dec 1, 20232 min read


विदाई
सुनीता मुखर्जी "श्रुति" रागिनी घर में बड़ी और राहुल छोटा था। दोनों में पांच-छः साल का अंतर था। श्यामा को घर की बहुत चिंता सताती थी। पति...
Rachnakunj .
Nov 30, 20233 min read


फल
नताशा हर्ष गुरनानी स्नेहा आज अपने दोनों जुड़वा बच्चो रोहन और अवनी की दसवीं के परीक्षा परिणाम की पत्री हाथ में लेके अतीत में खोई हुई थी।...
Rachnakunj .
Nov 30, 20232 min read


माँ का क़र्ज़
निशा अवस्थी एक बार बेटे और माँ में बहस शुरू हो गयी। बेटे ने माँ को कहा माँ, तू हमेशा यही कहती रहती है, कि माँ का कर्जा कभी नहीं उतर सकता।...
Rachnakunj .
Nov 29, 20233 min read


गाय का गोबर
लक्ष्मी कुमावत शॉपिंग के बैग हाथ में लिए सुनंदा घर में घुसी ही थी कि देखा तो उसका सात महीने का बेटा प्रिंस उसकी सास सरला जी के हाथों में...
Rachnakunj .
Nov 29, 20234 min read


ओजस्विनी
मनीषा शुक्ल जब मेरी बेटी दसवीं क्लास में पढ़ती थी, तभी हमारे यहां शीला नामक एक कामवाली बाई थी। वह हमारे यहां झाड़ू पोछा, बर्तन और कपड़े...
Rachnakunj .
Nov 28, 20234 min read


एक आंच की कसर
प्रेमचंद सारे नगर में महाशय यशोदानन्द का बखान हो रहा था। नगर ही में नही, समस्त प्रान्त में उनकी कीर्ति की जाती थी, समाचार पत्रों में...
Rachnakunj .
Nov 28, 20237 min read


गरीब हैं, बेईमान नहीं
विभा गुप्ता "सुनो, अपना पर्स ज़रा संभाल कर रखा करो, घर में बाई भी हैं। गरीबों के ईमान का क्या भरोसा। मिसेज़ शर्मा बता रहीं थी कि उसकी बाई...
Rachnakunj .
Nov 20, 20232 min read


अनोखा रिश्ता
कंचन वर्मा आज लगातार पांच दिन आईसीयू मैं भर्ती रहने के बाद भी दीनानाथ जी की हालत स्थिर बनी हुई थी। ब्रेन हेमरेज हुआ था उनको। आईसीयू के...
Rachnakunj .
Nov 20, 20234 min read


माँ का कटोरदान
डॉ कृष्णा कांत श्रीवास्तव जब हम छोटे थे तब मम्मी रोटियां एक स्टील के कटोरदान में रखा करती थी। रोटी रखने से पहले कटोरदान में एक कपड़ा...
Rachnakunj .
Nov 19, 20233 min read


मेरा गीत
विनय कुमार मिश्रा "भैया आप मुझसे बातें करिए, मुझे अपने गीत सुनाइये मैं सुनूँगी" मैंने हाथ पकड़ कर कहा। भैया थोड़े हतप्रभ हो मुझे देखने लगे।...
Rachnakunj .
Nov 19, 20232 min read
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