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विक्रमादित्य का न्याय
एक बार राजा विक्रमादित्य की सभा में एक व्यापारी ने प्रवेश किया। राजा ने उसे देखा तो देखते ही उनके मन में विचार आया कि क्यों न इस व्यापारी...
Rachnakunj .
May 17, 20233 min read


रिश्तों का महत्व
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव घर की नई नवेली इकलौती बहू एक प्राइवेट बैंक में बड़े ओहदे पर थी। उसकी सास तकरीबन एक साल पहले ही गुज़र चुकी थी। घर...
Rachnakunj .
May 1, 20233 min read


धोखेबाज
डॉ. कृष्ण कांत श्रीवास्तव सालों पहले एक गांव में सूरज नाम का किसान अपनी पत्नी के साथ रहता था। किसान बूढ़ा था, लेकिन उसकी पत्नी जवान थी।...
Rachnakunj .
Apr 26, 20232 min read


सच की जीत
डॉ. कृष्ण कांत श्रीवास्तव एक दिन एक घुड़सवार अपने गुस्सैल घोड़े को बेचने के लिए बाजार ले जा रहा था। चलते-चलते उसे भूख लगी और वो खाना खाने...
Rachnakunj .
Apr 25, 20233 min read


हींगवाला
सुभद्रा कुमारी चौहान लगभग पैंतीस साल का एक खान आंगन में आकर रुक गया। हमेशा की तरह उसकी आवाज सुनाई दी – ”अम्मा… हींग लोगी?” पीठ पर बंधे...
Rachnakunj .
Apr 20, 20235 min read


घर का भेदी
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव बहुत पुरानी बात है। एक जंगल में हरे भरे एवं बड़े-बड़े बहुत सारे वृक्ष थे। उन वृक्षों पर तरह-तरह के पंछी चहचहाते...
Rachnakunj .
Apr 11, 20232 min read


विवेकानंद का जन्म
मुकेश ‘नादान’ इस संसार में समय-समय पर अनेक महापुरुषों ने जन्म लिया। इन महापुरुषों में स्वामी विवेकानंद का नाम अग्रिम पंक्ति में लिया जाता...
Rachnakunj .
Apr 7, 20232 min read


असली दौलत
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक गांव में एक श्याम बहादुर नाम का एक किसान अपनी पत्नी और चार लड़कों के साथ रहता था। श्याम बहादुर खेतों में...
Rachnakunj .
Apr 6, 20232 min read


पत्थर का दर्द
डॉ. कृष्ण कांत श्रीवास्तव बहुत पहले की बात है। एक शिल्पकार मूर्ति बनाने के लिए जंगल में पत्थर ढूंढने गया। वहाँ उसको एक बहुत ही अच्छा...
Rachnakunj .
Mar 26, 20232 min read


मोची का लालच
डॉ. कृष्ण कांत श्रीवास्तव किसी गाँव में एक धनी सेठ रहता था। उसके बंगले के पास एक जूते सिलने वाले गरीब मोची की छोटी सी दुकान थी। उस मोची...
Rachnakunj .
Mar 21, 20232 min read


सफलता की सीख
बहुत समय पहले की बात है, एक गांव में एक किसान रहता था। उसे अपने खेत में काम करने वालों की बड़ी ज़रुरत रहती थी लेकिन ऐसी खतरनाक जगह, जहाँ...
Rachnakunj .
Feb 25, 20232 min read


कल की कल सोचेंगे
अनजान सेठ जमनालाल बजाज ने संकल्प लिया था कि वे आजीवन स्वदेशी वस्तुओं का ही उपयोग करेंगे। उनकी प्रतिज्ञा यह भी थी कि वे प्रतिदिन...
Rachnakunj .
Feb 20, 20232 min read


शब्दों का महत्त्व
डॉ. कृष्ण कांत श्रीवास्तव हमारे जीवन में शब्दों का इतना महत्त्व क्यों है? ये शब्द ही है जो हमें अपने भविष्य को संवारने में सहयोग करते...
Rachnakunj .
Feb 18, 20234 min read


सच्चा सुख
राजीव कपूर एक बार एक स्वामी जी भिक्षा माँगते हुए एक घर के सामने खड़े हुए और उन्होंने आवाज लगायी, भिक्षा दे दे माते! घर से महिला बाहर आयी।...
Rachnakunj .
Feb 12, 20231 min read


हमारे माता-पिता
डॉ. कृष्ण कांत श्रीवास्तव एक बार की बात है, एक जंगल में सेब का एक बड़ा पेड़ था। एक बच्चा रोज उस पेड़ पर खेलने आया करता था। वह कभी पेड़ की...
Rachnakunj .
Feb 11, 20232 min read


एक था राजा
डॉ कृष्ण कांत श्रीवास्तव बहुत समय पहले की बात है। किसी राज्य में एक राजा राज करता था। राजा की तीन खूबसूरत रानियां थी। राजा अपनी पहली...
Rachnakunj .
Feb 10, 20233 min read


व्यक्तित्व और प्रकृति
डॉ कृष्ण कांत श्रीवास्तव कभी-कभी चीजों को स्वाभाविक रूप से होने देना ही बुद्धिमानी कहलाता हैं। इस सुंदर जीवन के लिए ईश्वर का धन्यवाद।...
Rachnakunj .
Feb 8, 20234 min read


घमंडी राजा
डॉ कृष्ण कांत श्रीवास्तव बहुत समय पहले की बात है। किसी राज्य में एक राजा राज करता था। वह बहुत ही घमंडी था। लोगों को कुछ भी नहीं समझता था।...
Rachnakunj .
Feb 7, 20234 min read


क्रोध
डॉ कृष्ण कांत श्रीवास्तव एक संत भिक्षा में मिले अन्न से अपना जीवत चला रहे थे। वे रोज अलग-अलग गांवों में जाकर भिक्षा मांगते थे। एक दिन वे...
Rachnakunj .
Feb 4, 20232 min read


पानी की बूंद
डॉ कृष्ण कांत श्रीवास्तव दीपक फुटबॉल का बहुत अच्छा खिलाड़ी था, परंतु मन का कुछ चंचल था| उसका मन किसी एक काम में नहीं लगता था| वह कभी...
Rachnakunj .
Feb 3, 20233 min read
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