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नजरिया
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक गाँव में अशोक कुमार नाम का कुम्हार रहता था। माँ – बाबा बचपन में ही गुजर गये थे अतः अशोक कुमार कुंवारा ही...
Rachnakunj .
Aug 4, 20233 min read


सब्र का फल
प्रदीप कुमार वर्मा मुकेश छब्बीस साल का एक खूबसूरत, होनहार नौजवान था। जब राज्य प्रशासनिक सेवा की परीक्षा पास कर वह एक उच्च पद पर आसीन हुआ,...
Rachnakunj .
Aug 2, 20234 min read


पहला कदम
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव "माँ, क्या आप कभी डेट पर गए हो?”, सुमित का प्रश्न सुन कविता चौंक गई। "डेट?” उसके जमाने में ये सब बातें कहाँ...
Rachnakunj .
Aug 2, 20233 min read


हम तीन
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक औरत ने तीन सन्तों को अपने घर के सामने देखा। वह उन्हें जानती नहीं थी। औरत ने कहा – “कृपया भीतर आइये और भोजन...
Rachnakunj .
Aug 1, 20232 min read


मेहनत का महत्व
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव राहुल एक समझदार लड़का था, लेकिन वह पढ़ाई के मामले में हमेशा मेहनत करने से बचता था। एक बार जब उसका पसंदीदा कप टूट...
Rachnakunj .
Jul 30, 20233 min read


बुद्धिमान साधु
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव किसी राजमहल के द्वार पर एक साधु आया और द्वारपाल से बोला कि तुम भीतर जाकर राजा से कहो कि बाहर उनका भाई आया है।...
Rachnakunj .
Jul 28, 20232 min read


पराई नहीं होती बेटी
डॉ. कृष्ण कांत श्रीवास्तव एक बार एक पिता ने अपनी बेटी की सगाई करवाई। लड़का बड़े अच्छे घर से था, इसलिए माता-पिता दोनों बहुत खुश थे। लड़के...
Rachnakunj .
Jul 18, 20232 min read


चरित्रहीन
संजय सक्सेना एक बार एक बुजुर्ग को उनके बातो से प्रभावित हो एक औरत ने उन्हें अपने घर खाने का निमंत्रण दिया। बुजुर्ग निमंत्रण स्वीकार कर उस...
Rachnakunj .
Jul 17, 20232 min read


फैसला
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव "क्या बताऊँ मम्मी, आजकल तो, बासी कढ़ी में भी उबाल आया हुआ है। जबसे पापा जी रिटायर हुए हैं, दोनों लोग फिल्मी...
Rachnakunj .
Jul 15, 20235 min read


आत्महित
श्री रूप किशोर श्रीवास्तव एक किसान के घर में एक चूहा, एक साँप, एक कबूतर और एक बकरा रहते थे। वे आपस में बहुत अच्छे दोस्त थे। एक दिन किसान...
Rachnakunj .
Jul 11, 20232 min read


मेरी ताकत
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक छोटे कसबे में रहने वाले दस वर्षीय बालक को जूडो सीखने का बहुत शौक था। परंतु बचपन में हुई एक दुर्घटना में बायाँ...
Rachnakunj .
Jul 8, 20234 min read


बैल की पूँछ
डॉ. कृष्ण कांत श्रीवास्तव एक बार एक नौजवान आदमी एक किसान की बेटी से शादी की इच्छा लेकर उसके पास गया। किसान ने उसकी ओर देखा और कहा, “युवक,...
Rachnakunj .
Jul 6, 20232 min read


पनिहारिन की सीख
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक साधु किसी नदी के पनघट पर गया और पानी पीकर पत्थर पर सिर रखकर सो गया। पनघट पर पनिहारिन आती-जाती रहती हैं। तो एक...
Rachnakunj .
Jul 5, 20232 min read


सबसे बहुमूल्य वस्तु
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक जाने माने प्रवक्ता ने हाथ में पांच सौ का नोट लहराते हुए अपनी सेमीनार शुरू की। हाल में बैठे सैकड़ों लोगों से...
Rachnakunj .
Jun 29, 20231 min read


बेटा लौट आया
अनजान वह बच्चा सड़क पर दौड़ रहा था, पीछे से ट्रक आता देख मनीषा भागी और बच्चे को बचा लिया। एक ठेले वाले ने मनीषा की हिम्मत की दाद दी और...
Rachnakunj .
Jun 26, 20231 min read


मुफ्त की आया
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव वृद्धाश्रम के दरवाजे पर रोज एक कार आकर लगती थी। उस कार में से एक नौजवान उतरता और एक बुढ़ी महिला के पास जाकर बैठ...
Rachnakunj .
Jun 23, 20233 min read


आज ही क्यों नहीं?
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक बार की बात है कि एक शिष्य अपने गुरु का बहुत आदर-सम्मान किया करता था। गुरु भी अपने इस शिष्य से बहुत स्नेह करते...
Rachnakunj .
Jun 21, 20233 min read


मुल्यांकन
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक बार एक शहर के मशहूर व्यापारी को एक महिला ने रात्रि भोज पर निमंत्रित किया। वैसे तो वह काफी व्यस्त रहते थे,...
Rachnakunj .
Jun 13, 20232 min read


बंधन तोड़ो सुख से जियो
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक बार एक व्यक्ति कुछ हालातों से मजबूर अपनी ही धुन में खोया-खोया कहीं चला जा रहा था। दिमाग में हजारों सवाल, तभी...
Rachnakunj .
Jun 2, 20232 min read


सच्चा हमसफ़र
डॉ कृष्ण कांत श्रीवास्तव ट्रेन के ए.सी. कम्पार्टमेंट में मेरे सामने की सीट पर बैठी लड़की ने मुझसे पूछा "हैलो, क्या आपके पास इस मोबाइल की...
Rachnakunj .
May 26, 20239 min read
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