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पश्चाताप
रमाकांत द्विवेदी राजीव अपनी कंपनी के किसी काम से अपनी ससुराल के नजदीकी शहर में गया था। काम खत्म होने के बाद जब वह वापस अपने गंतव्य की तरफ...
Rachnakunj .
Dec 3, 20234 min read


प्रेमा दीदी
सुधा श्रीवास्तव मैं जब नवी कक्षा में थी, तो मेरी हिंदी की अध्यापिका प्रेमा दीदी थीं। वह एकदम शुद्ध हिंदी बोलती थीं। वैसे तो वो बहुत सीधी...
Rachnakunj .
Dec 1, 20231 min read


विदाई
सुनीता मुखर्जी "श्रुति" रागिनी घर में बड़ी और राहुल छोटा था। दोनों में पांच-छः साल का अंतर था। श्यामा को घर की बहुत चिंता सताती थी। पति...
Rachnakunj .
Nov 30, 20233 min read


माँ का क़र्ज़
निशा अवस्थी एक बार बेटे और माँ में बहस शुरू हो गयी। बेटे ने माँ को कहा माँ, तू हमेशा यही कहती रहती है, कि माँ का कर्जा कभी नहीं उतर सकता।...
Rachnakunj .
Nov 29, 20233 min read


गाय का गोबर
लक्ष्मी कुमावत शॉपिंग के बैग हाथ में लिए सुनंदा घर में घुसी ही थी कि देखा तो उसका सात महीने का बेटा प्रिंस उसकी सास सरला जी के हाथों में...
Rachnakunj .
Nov 29, 20234 min read


ओजस्विनी
मनीषा शुक्ल जब मेरी बेटी दसवीं क्लास में पढ़ती थी, तभी हमारे यहां शीला नामक एक कामवाली बाई थी। वह हमारे यहां झाड़ू पोछा, बर्तन और कपड़े...
Rachnakunj .
Nov 28, 20234 min read


एक आंच की कसर
प्रेमचंद सारे नगर में महाशय यशोदानन्द का बखान हो रहा था। नगर ही में नही, समस्त प्रान्त में उनकी कीर्ति की जाती थी, समाचार पत्रों में...
Rachnakunj .
Nov 28, 20237 min read


गरीब हैं, बेईमान नहीं
विभा गुप्ता "सुनो, अपना पर्स ज़रा संभाल कर रखा करो, घर में बाई भी हैं। गरीबों के ईमान का क्या भरोसा। मिसेज़ शर्मा बता रहीं थी कि उसकी बाई...
Rachnakunj .
Nov 20, 20232 min read


माँ का कटोरदान
डॉ कृष्णा कांत श्रीवास्तव जब हम छोटे थे तब मम्मी रोटियां एक स्टील के कटोरदान में रखा करती थी। रोटी रखने से पहले कटोरदान में एक कपड़ा...
Rachnakunj .
Nov 19, 20233 min read


झिझक
मोना जैन अभी नई-नई ही तो आई थी शुमी यहां। हैरानी सिर्फ उसे इस बात की थी उस आफिस में चालीस के स्टाफ के बीच सिर्फ छह लड़कियां ही थी। ऊपर...
Rachnakunj .
Nov 18, 20232 min read


पतिव्रता
रीटा मक्कड़ दिसम्बर के महीने का आखिरी सप्ताह चल रहा है। सर्दी इन दिनों खूब जोरों की पड़ रही है। रात को धुंध इतनी ज्यादा हो जाती है कि सामने...
Rachnakunj .
Nov 18, 20233 min read


महापर्व छठ
मंजू यादव 'किरण' मैं अपनी बेटी के घर गयी हुयी थी, वहां मेरी बेटी के बेटे (नाती) का जन्मदिन था। एक दिन मेरी बेटी की सास मुझसे कहने लगीं,...
Rachnakunj .
Nov 18, 20233 min read


कलेजे का टुकड़ा
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव पापा मैने आपके लिए हलवा बनाया है,11 साल की बेटी अपने पिता से बोली, जो कि अभी ऑफिस से घर में पहुंचे ही थे।...
Rachnakunj .
Nov 17, 20232 min read


कलयुग
विभा गुप्ता स्नेहा के पति का नये शहर में तबादला हुआ था। अपने आस-पड़ोस से वह बिल्कुल अनजान थी। उसके पति के ऑफ़िस के ही एक सहकर्मी आनंद...
Rachnakunj .
Nov 12, 20232 min read


असली सेवा
संजय नायक "शिल्प" रजनी बेटा, ये शाम के वक्त ऐसे तैयार होकर कहा जा रही हो। अपनी बहु से रजनी उसकी बुजुर्ग सासूमां ने पूछा। टोक दिया ना...
Rachnakunj .
Nov 12, 20233 min read


अंतिम प्रथम!
निरंजन धुलेकर सालों बाद लौटा था माँ बाबूजी के पास और अब हमेशा यहीं रहूँगा इसलिए बेहद ख़ुश भी था। कुछ हफ्ते तो खूब मज़े से निकल गए बातों...
Rachnakunj .
Nov 12, 20232 min read


किसान की चतुराई
सुभाष चौधरी एक किसान बहुत ही उम्दा किस्म का मक्का उगाता था। हर वर्ष उसकी उगाई हुई मक्का को राष्ट्रीय फसल मेला में पुरस्कृत किया जाता था।...
Rachnakunj .
Nov 11, 20231 min read


स्पर्श
श्रीमती स्वयंकार सुनीता बड़ी उत्साहित थी अपनी बेटी को पहली बार, बस में भेज कर। क्योंकि वह हमेशा चाहती थी कि उसकी बेटी पब्लिक ट्रांसपोर्ट...
Rachnakunj .
Nov 11, 20232 min read


संयम का महत्व
रमा कांत कहने को तो संयम बहुत ही छोटा सा शब्द है पर समझने को बहुत ही बड़ा है। आज मैं आपको एक छोटी की घटना का उल्लेख कर रहा हूँ। जो समझ गया...
Rachnakunj .
Nov 11, 20231 min read


हाय ये झटका
अर्चना नाकरा शादी को अभी जुम्मा-जुम्मा साल ही हुआ था। इतनी सुन्दर बहू, राशि। ऊपर से दीपावली पर मां ने सितारों जड़ी साड़ी भेजी थी। वो,...
Rachnakunj .
Nov 8, 20233 min read
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