top of page
OUR BLOGS


अजब प्रेम की गजब कहानी
इसके बाद वह लड़की बीमार होने के बावजूद सुमित से काफी देर तक लिपटी रही और फिर सो गयी। उसे ढंग से लिटाकर सुमित भी वहीं पास में ही एक खाली बेड पर सो गया।
वह सुबह बड़ी ही मनहूस थी। सुमित तो उठ गया पर वह नहीं उठी। सदा के लिए सो गयी। सुमित ने उसे जगाने की बहुत कोशिश की थी पर उसने आँखे नहीं खोली। खोलती भी तो कैसे? वह इस संसार को, सुमित को छोड़कर इस दुनिया से जा चुकी थी। सुमित को रोता बिलखता छोड़कर।
शिवनाथ
Apr 179 min read


अंजाने रिश्ते
डॉ मंजु सैनी एक अनजाना सा रिश्ता मन का मीत बना और फिर बिछुड़ गया एक नश्तर बन मेरे जीवन में साथ निभाने की जो बातें हुईं छोड़ गया यूँ ही क्षण भर में आज नश्तर से चुभते हैं नासूर बन छोड़ गए चिह्न जीवंत हूँ तो टीसता हैं वो दर्द नजर अंदाज करती हूँ फिर भी खामोश रह जाती हूं सोचकर शायद यही किस्मत में लिखा है बस गया था सांसों में मानो रह नही पाऊँगी उस बिन पर चल रही हैं जिंदगी यूं ही अकेले सफर में चलते चलते ही रह गया हैं मात्र यादो का कारवां शायद कभी होगा मेरी यादों को उसका सही मुकाम मुक
डॉ मंजु सैनी
Feb 221 min read


बिछुड़न
मिलना और बिछुड़ना दोनों
जीवन की मजबूरी है।
उतने ही हम पास रहेंगे,
जितनी हममें दूरी है।।
शाखों से फूलों की बिछुड़न
फूलों से पंखुड़ियों की।
आँखों से आँसू की बिछुड़न
होंठों से बाँसुरियों की।।
तट से नव लहरों की बिछुड़न
पनघट से गागरियों की।
सागर से बादल की बिछुड़न
बादल से बीजुरियों की।।
जंगल जंगल भटकेगा ही
जिस मृग पर कस्तूरी है।
सोनी शुक्ला
Jan 31 min read
bottom of page