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एक भिखारी
मालती त्रिपाठी पटना जंक्शन के बाहर फुटपाथ पर एक 25 साल की महिला बैठी थी। उसका चेहरा थका हुआ, आंखों के नीचे काले घेरे, होठ सूखे और कपड़े मैले-कुचैले थे। खूबसूरत तो थी, लेकिन हालात ने उसकी खूबसूरती को छुपा दिया था। वह राहगीरों से भीख मांगती, कभी पानी के लिए गुहार लगाती। लोग अक्सर उसे अनदेखा कर चले जाते, कोई सिक्का फेंक देता और कोई तिरस्कार से देखता। इसी भीड़ में एक दिन एक चमचमाती गाड़ी आकर रुकी। उसमें से एक 30 साल का युवक उतरा - साधारण कपड़े, चेहरे पर गंभीरता और आंखों में अपन
मालती त्रिपाठी
Dec 24, 20253 min read


महान् गणितज्ञ रामानुजन : धुन के पक्के
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव रामानुजन का जन्म एक गरीब परिवार में 22 दिसम्बर, 1887 को तमिलनाडु के इरोड़ कस्बे में हुआ था। उनके पिता एक साड़ी की दुकान पर क्लर्क का काम करते थे। रामानुजन के जीवन पर उनकी माँ का बहुत प्रभाव था। जब वे 11 वर्ष के थे, तो उन्होंने गणित की किताब की पूरी मास्टरी कर ली थी। गणित का ज्ञान तो जैसे उन्हें ईश्वर के यहाँ से ही मिला था। 14 वर्ष की उम्र में उन्हें मेरिट सर्टीफिकेट्स एवं कई अवार्ड मिले। वर्ष 1904 में जब उन्होंने टाउन हाईस्कूल से स्नातक पास की, तो उन
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Nov 4, 20252 min read
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