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प्रेमा
सरोजनी माथुर प्रेमा एक साधारण नयन नक्श वाली महिला है, उसे न ही ब्रांडेड कपड़ो का शौक है और न ही किसी प्रकार के सजने संवरने का। पूरी...
सरोजनी माथुर
May 13, 20244 min read


क्या कुछ बदला
सन्दीप तोमर क्या कुछ बदला मेरे होने या न होने से धरती आज भी उसी रफ्तार से घूम रही है चाँद भी उसी तरह अपनी चाँदनी बिखेर रहा है ध्वल रोशनी...
सन्दीप तोमर
May 13, 20241 min read


टूटते रिश्ते
अनुज कुमार जायसवाल सुबह के साढ़े सात बजे जब निधि स्कूल के लिए तैयार हुई तो चुपके से ऊपर मम्मी के बेडरूम में गई, धीरे से डोर सरकाया...
अनुज कुमार जायसवाल
May 12, 20245 min read


चांदी के खडुआ
आंसू भी रो पड़े डॉ. जहान सिंह ‘जहान’ सेंगुर नदी की कछार में बसा फरीदपुर मल्लाहों का डेरा। एक हंसती-खाती खुशमिजाज बस्ती। मछली पकड़ना,...
डॉ. जहान सिंह ‘जहान’
May 12, 20243 min read


भूखी चिड़िया
श्वेता श्रीवास्तव सालों पहले एक घंटाघर में टींकू चिड़िया अपने माता-पिता और 5 भाइयों के साथ रहती थी। टींकू चिड़िया छोटी सी थी। उसके पंख...
श्वेता श्रीवास्तव
May 11, 20242 min read


संभावनाएँ
कुँवर नारायण लगभग मान ही चुका था मैं मृत्यु के अंतिम तर्क को कि तुम आए और कुछ इस तरह रखा फैलाकर जीवन के जादू का भोला-सा इंद्रजाल कि लगा...
कुँवर नारायण
May 11, 20241 min read


कैसी शर्म
रमेश चंद्रा सोनू की जब शादी हुई थी, तब सदर बाजार में उसका सेंट बेचने का बिजनेस खूब चलता था। किंतु 5 साल बाद उसके बिजनेस में अचानक ब्रेक...
रमेश चंद्रा
May 10, 20242 min read


बोनस
भूपेंद्र सिंह "गुड मॉर्निंग सर, क्या मेरी बात भूपेंद्र जी से हो रही है?" "जी मैडम, कहिए.. भूपेंद्र ही बोल रहा हूँ।" "सर, मैं रितु...
भूपेंद्र सिंह
May 10, 20248 min read


आगमन एक बसंत का
रीता कुमारी कॉलेज में दशहरे की पूरे दस दिनों की छुट्टी हो गई थी। त्योहार मनाने के लिए अच्छा-ख़ासा समय मिल गया था। सभी ख़ुश थे। हंस-बोल रहे...
रीता कुमारी
May 8, 20249 min read


खूबसूरत झांसा
विभा गुप्ता 'रॉयल क्लब' का हॉल मेहमानों से भरा हुआ था। हॉल की दीवारों पर रंग-बिरंगी बत्तियाँ जगमगा रही थी। एक-दूसरे का हाथ थामे दीपक और...
विभा गुप्ता
May 8, 20242 min read


बोलने वाली गुफा
नृपेंद्र बहुत पुरानी बात है, एक घने जंगल में बड़ा-सा शेर रहता था। उससे जंगल के सभी जानवर थर-थर कांपते थे। वह हर रोज जंगल के जानवरों का...
नृपेंद्र
May 5, 20242 min read


वयःसंधि
श्याम आठले सुबह के दस बजे थे। मैं अपनी क्लिनिक में अपनी केबिन में आकर बैठा ही था और डाक देख रहा था कि सहायक ने आकर बताया कि बलबीर चोपड़ा...
श्याम आठले
May 5, 20242 min read


सपना का पति
ऋतु गुप्ता दरवाजे पर शहनाई बज रही थी, कल्पना जी फूलों से नई बहू की अगवानी कर रही है, वो सबसे पहले अपनी नई बहू सपना को दादी सास के पास ले...
ऋतु गुप्ता
Apr 30, 20242 min read


आशंकाओं के बादल
दीप्ति मिश्रा नव्या कॉलेज के लिए तैयार होकर घर से निकलने लगी, तो मैं अपलक उसे निहारती रह गई। दिनों दिन उसका निखरता सौंदर्य देख जहां मेरा...
दीप्ति मिश्रा
Apr 27, 20243 min read


ब्राह्मण का सपना
रविन्द्र सिंह एक वक्त की बात है, किसी शहर में एक कंजूस ब्राह्मण रहता था। एक दिन उसे भिक्षा में जो सत्तू मिला, उसमें से थोड़ा खाकर बाकी का...
रविन्द्र सिंह
Apr 26, 20242 min read


घरेलू महिला
भूपेंद्र बघेल मोहन आज फिर लता को उसकी औकात दिखा कर दफ्तर के लिये निकल गया और वो दिखाये भी क्यों ना, क्योंकि लता एक घरेलू महिला है। वो कोई...
भूपेंद्र बघेल
Apr 25, 20243 min read


वाणी पर नियंत्रण रखें
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक बार एक बूढ़े आदमी ने अफवाह फैलाई कि उसके पड़ोस में रहने वाला नौजवान चोर है। यह बात दूर-दूर तक फैल गई। आस-पास के...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Apr 25, 20242 min read


मदद का फल
अंकिता मिश्रा गर्मियों का मौसम था, एक चींटी को बहुत तेज प्यासी लगी थी। वह पानी की खोज में यहां-वहां भटकने लगी। कुछ ही देर में वह एक नदी...
अंकिता मिश्रा
Apr 16, 20242 min read
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