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दूरी
सुनील त्रिपाठी यूं तो वह दोनों बहनें हैं और खुशकिस्मती से दोनों सगे भाइयों से ब्याही गई थी। मगर शादी के बाद घर में दोनों देवरानी-जेठानी...
सुनील त्रिपाठी
Oct 16, 20242 min read


बूट पॉलिश
रमाकांत शुक्ला एक सज्जन रेलवे स्टेशन पर बैठे गाड़ी की प्रतीक्षा कर रहे थे तभी जूते पॉलिश करने वाला एक लड़का आकर बोला, ‘‘साहब! बूट पॉलिश...
रमाकांत शुक्ला
Sep 30, 20242 min read


मोहन का पेपर
रमाकांत शर्मा आज फिर बेटा बिना कुछ खाए घर से जा रहा था, तो मां ने बेटे से कहा – बेटा थोड़ा खाना खाकर जा। दो दिन से तूने कुछ नहीं खाया –...
रमाकांत शर्मा
Sep 15, 20248 min read


बहु भी बेटी
मनीषा सहाय करीब तीन माह पहले ही रीना नये फ्लैट में शिफ्ट हुई थी। तब से ही रोज सुबह ही बगल के फ्लैट से सुबह-सुबह आती आवाजें ... "अरे राधा...
मनीषा सहाय
Sep 10, 20242 min read


वक्त का बदला
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक बार की बात है। एक बूढ़ा बाप अपने बेटे और बहू के साथ रहने के लिए उनके शहर गया। उनके अत्यंत बूढ़े हो जाने के...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Sep 10, 20242 min read


सच्चा उपहार
आनंद किशोर एक बहुत ही बड़े उद्योगपति का पुत्र कॉलेज में अंतिम वर्ष की परीक्षा की तैयारी में लगा रहता है। तो उसके पिता उसकी परीक्षा के...
आनंद किशोर
Sep 7, 20243 min read


भगवान् की लाठी
रमाकांत द्विवेदी एक बुजुर्ग दरिया के किनारे पर जा रहे थे। एक जगह देखा कि दरिया की सतह से एक कछुआ निकला और पानी के किनारे पर आ गया। उसी...
रमाकांत द्विवेदी
Aug 26, 20242 min read


परीक्षा
अंकिता मिश्रा एक पहाड़ी के नीचे रामगढ़ नाम का एक गांव था। गांव के सारे जानवर हरी घास खाने के लिए सुबह उसी पहाड़ी के ऊपर बसे जंगल में...
अंकिता मिश्रा
Aug 26, 20243 min read


अध्यापक
सुरेश कुमार शुक्ला दिग्विजय सिंह और उनकी पत्नी उर्मिला सिंह दोनों ही सरकारी नौकरी से रिटायर्ड हैं। दोनों की उम्र सत्तर के पार हैं। उनके...
सुरेश कुमार शुक्ला
Aug 16, 20247 min read


कांच का टुकड़ा
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक बार एक राज-महल में कामवाली बाई का लड़का खेल रहा था। खेलते-खेलते उसके हाथ में एक हीरा आ गया। वो दौड़ता दौड़ता...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Aug 12, 20242 min read


प्रतिस्पर्धा की राह
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव चार महीने बीत चुके थे, बल्कि 10 दिन ऊपर हो गए थे। किंतु बड़े भइया की ओर से अभी तक कोई ख़बर नहीं आई थी कि वह पापा...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Aug 7, 20248 min read


शराब की पार्टी
नेकराम सूरज, सुरेश, रमन तीनों दोस्तों ने अलग से समीर को पार्टी करने के लिए कहा था। देख समीर तेरे जन्मदिन पर शराब की बोतले खुलेंगी। जमकर...
नेकराम
Aug 6, 20245 min read


जीवन का एहसास
एक जंगल में कैसोवैरी जाति की एक चिड़िया रहती थी। यह चिड़िया उड़ सकने में असमर्थ थी। कैसोवैरी चिड़िया को बचपन से ही बाकी चिड़ियों के बच्चे...
Rachnakunj .
Aug 2, 20242 min read


सोने का कंगन
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक जंगल में एक बूढ़ा बाघ रहता था। बुढ़ापे के कारण उसका शरीर जवाब देने लगा था। उसके दांत और पंजे कमज़ोर हो गए थे।...
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव
Jul 31, 20242 min read


आत्महत्या
राजीव रंजन आज कचहरी में एक अजीब सा मुकद्दमा आया था। जिसका फैसला सुनने के लिए इतने लोग आये थे कि कचहरी खचाखच भरी थी। जितने लोग थे उतनी...
राजीव रंजन
Jul 30, 20243 min read


क्या ये ही जिंदगी है?
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव जीवन के 20 साल हवा की तरह उड़ गए। फिर शुरू हुई नौकरी की खोज। ये नहीं वो, दूर नहीं पास। ऐसा करते करते...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Jul 15, 20243 min read


एक मौका और ...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक बार मैं शहर से अपने गाँव जा रहा था। रास्ते में एक स्टेशन पर ट्रेन रुकी यहाँ उसका 15 मिनट का स्टॉपेज था, इसलिए...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Jul 13, 20245 min read


लक्ष्य
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव बहुत मुश्किल से पापा ने आज मुझे आगे की पढ़ाई के लिए शहर भेजने की बात को मान लिया, अम्मा आज मैं बहुत खुश हूं...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Jul 9, 20243 min read


एक बेटा ऐसा भी
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव माँ, मुझे कुछ महीने के लिये विदेश जाना पड़ रहा है। तेरे रहने का इन्तजाम मैंने करा दिया है।" तक़रीबन 32 साल के, अविवाहित डॉक्टर सुदीप ने देर रात घर में घुसते ही कहा। "बेटा, तेरा विदेश जाना ज़रूरी है क्या?" माँ की आवाज़ में चिन्ता और घबराहट झलक रही थी। "माँ, मुझे इंग्लैंड जाकर कुछ रिसर्च करनी है। वैसे भी कुछ ही महीनों की तो बात है।" सुदीप ने कहा। "जैसी तेरी इच्छा।" मरी से आवाज़ में माँ बोली। और छोड़ आया सुदीप अपनी माँ 'प्रभा देवी' को पड़ोस वाले शहर में
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Jul 3, 20243 min read


जंगल का राजा
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक बार की बात है कि जंगल के राजा सिंह को भूख लगी और उसने लोमड़ी से कहा, मेरे लिए कोई शिकार ढूंढकर लाओ, अन्यथा...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
May 17, 20242 min read
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