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इस नदी की धार में...
दुष्यंत कुमार इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है, नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो है। एक चिनगारी कही से ढूँढ लाओ दोस्तों, इस दिए...
Rachnakunj .
Jan 20, 20231 min read


आधुनिक सच
मियां-बीबी दोनों मिल खूब कमाते हैं तीस लाख का पैकेज दोनों ही पाते हैं सुबह आठ बजे नौकरियों पर जाते हैं रात ग्यारह तक ही वापिस आते हैं...
Rachnakunj .
Dec 26, 20222 min read


मां तुम बहुत याद आती हो
मां तुम बहुत याद आती हो मैं जब भी देखती हूं मंदिर में माता की मूरत कोई करुणा तुम्हारी आंखों की मेरी आंखों में उतर आती है झर-झर बहते हैं...
Rachnakunj .
Dec 25, 20221 min read


भावात्मक स्मृति
उनकी उंगली पकड़कर स्कूल जाना, जैसे कल की बात हो, नए खिलौनों की जिद करना और फिर पा जाना जैसे कल की बात हो, ऑफिस से लौटते ही मेला दिखाने की...
Rachnakunj .
Oct 1, 20221 min read
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