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मोहन का पेपर
रमाकांत शर्मा आज फिर बेटा बिना कुछ खाए घर से जा रहा था, तो मां ने बेटे से कहा – बेटा थोड़ा खाना खाकर जा। दो दिन से तूने कुछ नहीं खाया –...
रमाकांत शर्मा
Sep 15, 20248 min read


कागज की नाव
नीरजा कृष्णा अमिता को मुंबई में नया ऑफिस ज्वाइन किए हुए साल भर होने जा रहा है पर वो नितांत अकेली है। चुपचाप आना, अपना काम करना और फिर...
नीरजा कृष्णा
Sep 13, 20242 min read


बहु भी बेटी
मनीषा सहाय करीब तीन माह पहले ही रीना नये फ्लैट में शिफ्ट हुई थी। तब से ही रोज सुबह ही बगल के फ्लैट से सुबह-सुबह आती आवाजें ... "अरे राधा...
मनीषा सहाय
Sep 10, 20242 min read


वक्त का बदला
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक बार की बात है। एक बूढ़ा बाप अपने बेटे और बहू के साथ रहने के लिए उनके शहर गया। उनके अत्यंत बूढ़े हो जाने के...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Sep 10, 20242 min read


सच्चा उपहार
आनंद किशोर एक बहुत ही बड़े उद्योगपति का पुत्र कॉलेज में अंतिम वर्ष की परीक्षा की तैयारी में लगा रहता है। तो उसके पिता उसकी परीक्षा के...
आनंद किशोर
Sep 7, 20243 min read


घर का भोजन
सरला सिंह एक स्त्री के पास एक बड़ा सा घर था, बड़े-बड़े १२ कमरों वाला। वह स्त्री अकेली रहती थी, तो उसने सोचा क्यों न वह उसमें नवयुवकों को...
सरला सिंह
Sep 6, 20242 min read


जलील
निर्मला ठाकुर बच्चों को स्कूल भेज, पतिदेव को ऑफिस विदा कर, घर का काम निपटाकर, नहा-धोकर एक कप चाय लेकर लॉन में आ बैठी। मार्च की सुबह की...
निर्मला ठाकुर
Sep 6, 20248 min read


और क्या चाहिए?
सरला सिंह सुबह पांच बजे अलार्म बजा, सुभी आज बेमन से उठी। अंग-अंग दर्द कर रहा था, दो मिनट और लेट जाती हूं। उसमें ही दस मिनट निकल...
सरला सिंह
Sep 5, 20247 min read


बात जो भारी पड़ गई
शुभ्रा बैनर्जी सुधा के छोटे ननदोई जी रेलवे में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। पुरोहित का काम उनके परिवार में पीढ़ियों से चला आ रहा...
शुभ्रा बैनर्जी
Sep 5, 20243 min read


सुखांत
राजश्री जैन प्रकाश जी की पत्नी प्रिया जी का देहांत हो गया था और अब वो बिल्कुल अकेले रह गए थे। उनका बेटा और बेटी दोनों अपने परिवार सहित...
राजश्री जैन
Aug 30, 20242 min read


कमज़ोर लइकी
श्रीपाल द्विवेदी ऋतु के व्हाट्स एप्प पर कई लड़कों से दोस्ती और चैटिंग पढ़कर राज का चेहरा लाल हो गया। गुस्से से आँखों से अंगारे निकलने लगे,...
श्रीपाल द्विवेदी
Aug 28, 20243 min read


इम्तहान
रति गुप्ता लड़का ट्रेन से उतरकर प्लेटफार्म पर चलते हुए निकास-द्वार की ओर मुड़ा ही था कि उसका दिल धक्क से होकर रह गया। निकास-द्वार के पास...
रति गुप्ता
Aug 28, 20242 min read


भगवान् की लाठी
रमाकांत द्विवेदी एक बुजुर्ग दरिया के किनारे पर जा रहे थे। एक जगह देखा कि दरिया की सतह से एक कछुआ निकला और पानी के किनारे पर आ गया। उसी...
रमाकांत द्विवेदी
Aug 26, 20242 min read


परीक्षा
अंकिता मिश्रा एक पहाड़ी के नीचे रामगढ़ नाम का एक गांव था। गांव के सारे जानवर हरी घास खाने के लिए सुबह उसी पहाड़ी के ऊपर बसे जंगल में...
अंकिता मिश्रा
Aug 26, 20243 min read


अध्यापक
सुरेश कुमार शुक्ला दिग्विजय सिंह और उनकी पत्नी उर्मिला सिंह दोनों ही सरकारी नौकरी से रिटायर्ड हैं। दोनों की उम्र सत्तर के पार हैं। उनके...
सुरेश कुमार शुक्ला
Aug 16, 20247 min read


एक ऐसा भी सांप
बालेश्वर गुप्ता पूरी रात आंखों में ही कट गयी। रमेश का क्रोध सुम्मी पर तो था ही पर उससे अधिक वो पीयूष पर आक्रोशित था। उसकी ही फैक्ट्री का...
बालेश्वर गुप्ता
Aug 16, 20242 min read


ममता
निर्मला कुमारी वो विधवा थी पर श्रृंगार ऐसा कर के रखती थी कि पूछो मत। बिंदी के सिवाय सब कुछ लगाती थी। पूरी कॉलोनी में उनके चर्चे थे। उनका...
निर्मला कुमारी
Aug 13, 20243 min read


निःशब्द
रमा शंकर शर्मा "आज कैसी तबीयत है?" मां ने रोज की तरह सुबह उठते ही मेरा हाल चाल जानने के लिए फोन लगाया। कई दिन से मेरी तबीयत खराब चल रही...
रमा शंकर शर्मा
Aug 13, 20242 min read


कांच का टुकड़ा
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक बार एक राज-महल में कामवाली बाई का लड़का खेल रहा था। खेलते-खेलते उसके हाथ में एक हीरा आ गया। वो दौड़ता दौड़ता...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Aug 12, 20242 min read
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