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नफ़रत
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक आदमी ने एक बहुत ही खूबसूरत लड़की से शादी की। शादी के बाद दोनों की ज़िन्दगी बहुत प्यार से गुजर रही थी। वह उसे...
Rachnakunj .
Jan 20, 20242 min read


खाली कश्ती लाख थपेड़े
डॉ. जहांन सिंह “जहांन” गरीबी और बेरोजगारी को लादे, जीवन में कुछ करने की तीव्र इच्छा लिये एक नौजवान कानपुर आता है। एक पिछड़े गाँव एवं अभाव...
Rachnakunj .
Jan 14, 20245 min read


बराबरी
अंजना ठाकुर ये क्या कर रहे हो आप मुझे जूते पड़वाओगे क्या मांजी से? अगर उन्होंने काम करते देख लिया आपको तो पूरा घर सर पर उठा लेंगी। अनुजा...
Rachnakunj .
Jan 14, 20241 min read


बड़े पापा
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव शुक्ला विला से असमय आ रही हंसी-ठिठोली की आवाज़ से पूरा मोहल्ला जान गया था कि परिवार में फिर महफ़िलों का दौर चल...
Rachnakunj .
Jan 13, 202411 min read


त्रिया चरित्र
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक प्यासा आदमी एक कुएं के पास गया, जहां एक जवान औरत पानी भर रही थी। उस आदमी ने औरत से थोड़ा पानी पिलाने के लिए...
Rachnakunj .
Jan 13, 20242 min read


गंगा स्नान
सुषमा यादव मां ने एक बार कहा, मेरे सामने ही यह चला जाए तो मैं गंगा नहा लूं। गंगा मैया से विनती है इसे मेरे मरने से पहले अपने पास बुला ले।...
Rachnakunj .
Jan 11, 20242 min read


कश्ती में छेद
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक आदमी ने एक पेंटर को बुलाया अपने घर, और अपनी नाव दिखाकर कहा कि इसको पेंट कर दो। उस पेंटर ने पेंट लेकर उस नाव...
Rachnakunj .
Jan 7, 20242 min read


परमात्मा से मिलन
राजेंद्र कुमार दीक्षित एक संत, एक सेठ के पास आए। सेठ ने उनकी बड़ी सेवा की। उनकी सेवा से प्रसन्न होकर, संत ने कहा- अगर आप चाहें तो आपको...
Rachnakunj .
Jan 6, 20242 min read


टोकरी
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक बार की बात है। एक जंगल में एक संत छोटी सी कुटिया बनाकर रह रहे थे। जहां पर एक नदी भी थी। वे दिनभर भगवान के...
Rachnakunj .
Jan 5, 20242 min read


ताकत
अखिलेश दुबे एक बार एक व्यक्ति दिन भर मजदूरी करके पैसे कमाने के पश्चात अपने घर की तरफ जा रहा था। सर्दियों के दिन थे और शाम ढल चुकी थी।...
Rachnakunj .
Jan 5, 20242 min read


कलमुंही
मोनिका रघुवंशी सुना आपने, आपकी बड़ी बहुरिया क्या गुल खिला रही है आजकल। इस कुलक्षिनी ने तो हमारा नाम डुबोने की कसम ले रखी है..... ललिता...
Rachnakunj .
Jan 4, 20242 min read


मुफ्त की रोटी
लक्ष्मी कुमावत शाम हो चुकी थी। सात वर्षीय विवान अपनी दादी (कमला जी) के साथ हर शाम को मंदिर जाया करता था। वहां से वापस लौटते समय विवान...
Rachnakunj .
Jan 4, 20244 min read


वृद्धाश्रम
विभा गुप्ता "बाबूजी, मैं आपके और आपकी बहू की रोजाना चिकचिक से अब तंग आ गया हूँ। कल ही आपको वृद्धाश्रम छोड़ आता हूँ, आपकी बहू को शांति मिल...
Rachnakunj .
Jan 3, 20242 min read


नसीहत
रमाशंकर पांडे ससुराल से दुखी होने के कारण छः महीने मायके रहने के बाद आज बेटी ससुराल जा रही थी। पिछले हफ्ते पिता ने कहा था, हम बूढ़े हो गए...
Rachnakunj .
Jan 2, 20242 min read


पिता का सम्मान
विभा गुप्ता "बाबूजी.., मुझे 'जिंदल एंटरप्राइज' में नौकरी मिल गई है।" खुशी-से चहकते हुए विमल ने अपने पिता को बताया तो वो सोच में पड़ गयें।...
Rachnakunj .
Dec 31, 20232 min read


अंधविश्वास
डॉ. पारुल अग्रवाल दिव्या अपने परिवार से प्रेम करने वाली स्त्री थी। पर उसमें एक खराबी थी कि वो थोड़ा अंधविश्वासी थी। आजकल उसके पति का काम...
Rachnakunj .
Dec 31, 20232 min read


चूल्हे
मंजू यादव 'किरण' मेरे साहब (पतिदेव) खाना खाकर सोफे पर बैठते हुए बड़े खुशनुमा मूड में थे, बोले, "आज तो खाने में मजा आ गया। खाना मेरी बहू...
Rachnakunj .
Dec 29, 20234 min read


बचपन ना छीने
विभा गुप्ता मेरे पति का जबलपुर में तबादला हुआ था। शहर और वहाँ के लोग, दोनों मेरे लिये नये थे। बेटे का जिस स्कूल में एडमिशन करवाया था, उसी...
Rachnakunj .
Dec 29, 20233 min read


हृदय परिवर्तन
रमाकांत अवस्थी गांव की एक खूबसूरत नवयुवती अपने तीन साल के बच्चे को चिड़ियाघर घुमा रही थी। वहीं पांच-सात कॉलेज के लड़के उसे बार-बार देखते...
Rachnakunj .
Dec 28, 20232 min read


चोर कौन
संगीता अग्रवाल "मिताली कहाँ हो तुम?" विनय ऑफिस से आते ही चिल्लाया। "अरे क्यों गरम हो रहे हो, क्या हुआ बताओ तो?" मिताली रसोई से निकल पूछने...
Rachnakunj .
Dec 28, 20232 min read
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