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कैसी शर्म
रमेश चंद्रा सोनू की जब शादी हुई थी, तब सदर बाजार में उसका सेंट बेचने का बिजनेस खूब चलता था। किंतु 5 साल बाद उसके बिजनेस में अचानक ब्रेक...
रमेश चंद्रा
May 10, 20242 min read


बोनस
भूपेंद्र सिंह "गुड मॉर्निंग सर, क्या मेरी बात भूपेंद्र जी से हो रही है?" "जी मैडम, कहिए.. भूपेंद्र ही बोल रहा हूँ।" "सर, मैं रितु...
भूपेंद्र सिंह
May 10, 20248 min read


आगमन एक बसंत का
रीता कुमारी कॉलेज में दशहरे की पूरे दस दिनों की छुट्टी हो गई थी। त्योहार मनाने के लिए अच्छा-ख़ासा समय मिल गया था। सभी ख़ुश थे। हंस-बोल रहे...
रीता कुमारी
May 8, 20249 min read


खूबसूरत झांसा
विभा गुप्ता 'रॉयल क्लब' का हॉल मेहमानों से भरा हुआ था। हॉल की दीवारों पर रंग-बिरंगी बत्तियाँ जगमगा रही थी। एक-दूसरे का हाथ थामे दीपक और...
विभा गुप्ता
May 8, 20242 min read


बोलने वाली गुफा
नृपेंद्र बहुत पुरानी बात है, एक घने जंगल में बड़ा-सा शेर रहता था। उससे जंगल के सभी जानवर थर-थर कांपते थे। वह हर रोज जंगल के जानवरों का...
नृपेंद्र
May 5, 20242 min read


वयःसंधि
श्याम आठले सुबह के दस बजे थे। मैं अपनी क्लिनिक में अपनी केबिन में आकर बैठा ही था और डाक देख रहा था कि सहायक ने आकर बताया कि बलबीर चोपड़ा...
श्याम आठले
May 5, 20242 min read


सपना का पति
ऋतु गुप्ता दरवाजे पर शहनाई बज रही थी, कल्पना जी फूलों से नई बहू की अगवानी कर रही है, वो सबसे पहले अपनी नई बहू सपना को दादी सास के पास ले...
ऋतु गुप्ता
Apr 30, 20242 min read


आशंकाओं के बादल
दीप्ति मिश्रा नव्या कॉलेज के लिए तैयार होकर घर से निकलने लगी, तो मैं अपलक उसे निहारती रह गई। दिनों दिन उसका निखरता सौंदर्य देख जहां मेरा...
दीप्ति मिश्रा
Apr 27, 20243 min read


ब्राह्मण का सपना
रविन्द्र सिंह एक वक्त की बात है, किसी शहर में एक कंजूस ब्राह्मण रहता था। एक दिन उसे भिक्षा में जो सत्तू मिला, उसमें से थोड़ा खाकर बाकी का...
रविन्द्र सिंह
Apr 26, 20242 min read


घरेलू महिला
भूपेंद्र बघेल मोहन आज फिर लता को उसकी औकात दिखा कर दफ्तर के लिये निकल गया और वो दिखाये भी क्यों ना, क्योंकि लता एक घरेलू महिला है। वो कोई...
भूपेंद्र बघेल
Apr 25, 20243 min read


वाणी पर नियंत्रण रखें
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक बार एक बूढ़े आदमी ने अफवाह फैलाई कि उसके पड़ोस में रहने वाला नौजवान चोर है। यह बात दूर-दूर तक फैल गई। आस-पास के...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Apr 25, 20242 min read


मदद का फल
अंकिता मिश्रा गर्मियों का मौसम था, एक चींटी को बहुत तेज प्यासी लगी थी। वह पानी की खोज में यहां-वहां भटकने लगी। कुछ ही देर में वह एक नदी...
अंकिता मिश्रा
Apr 16, 20242 min read


तनातनी
लक्ष्मी कांत बीते चार दिनों से दोनों में बोलचाल बंद थी। अभी सालभर भी पूरा नहीं हुआ था मोहन और सुधा की शादी को। यूं तो छोटी-छोटी नौकझोंक...
लक्ष्मी कांत
Apr 16, 20242 min read


सोच से परे
कुसुम आज अचला, माँ की व्यथा को समझ पाई थी, आज उसे अहसास हुआ कि माँ किस दर्द और वेदना से गुजरी होगी। माँ के लिये उसके दिल मे भरा रोष आज...
कुसुम
Apr 15, 20243 min read


एहसास
रमा शंकर अवस्थी पत्नी ने पति से कहा, “कितनी देर तक समाचार पत्र पढ़ते रहोगे? यहाँ आओ और अपनी प्यारी बेटी को खाना खिलाओ।” पति ने समाचार...
रमा शंकर अवस्थी
Apr 13, 20242 min read


संघे शक्ति
अंकिता मिश्रा एक घने जंगल में एक बंदर और एक हाथी रहते थे। हाथी बड़ा शक्तिशाली था। वो बड़े-बड़े पेड़ों को एक ही झटके में उखाड़ देता था।...
अंकिता मिश्रा
Apr 13, 20243 min read


मोबाइल पर मुन्ना
अशोक कुमार बाजपाई मोबाइल पर मुन्ना बतलाता बाबा जी को बहुत सुहाता सुनता नहीं काम की बातें मोबाइल में कटती रातें। जाने कहां की बातें लाता...
अशोक कुमार बाजपाई
Apr 11, 20241 min read


सच्ची दोस्ती
विनीता पैंगेनी एक बड़े-से जंगल में एक बंदर और एक खरगोश बड़े प्यार से रहते थे। दोनों में इतनी अच्छी दोस्ती थी कि हमेशा एक साथ खेलते और...
विनीता पैंगेनी
Apr 11, 20242 min read


हमारी शक्ति
श्वेता श्रीवास्तव बहुत समय पहले की बात है किसी जंगल में एक खरगोश अपने परिवार के साथ रहता था। खरगोश जहां रहता था, वहां आसपास बड़े जानवरों...
श्वेता श्रीवास्तव
Apr 10, 20242 min read
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