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औकात
सिमरन पोते की मालिश करते हुए दादी की नज़र उसके खाली गले पर पड़ी तो वह गुस्से से चीख़ पड़ी, ‘‘बहू, ओ बहू....कहाँ मर गई.....अरे...मुन्ने के...
Rachnakunj .
Sep 18, 20232 min read


दुख
विपिन बंसल सुख में न जीना आया ! दुख ने सिखाया जीना !! दुख भला हो तेरा ! जो पत्थर बन गया हीरा !! सुख में न जीना आया ! दुख ने सिखाया जीना...
Rachnakunj .
Sep 17, 20231 min read


तलाक
बालक राम त्रिवेदी पति पत्नी दोनों डाक्टर थे। पत्नी ने तलाक़ का मुकदमा दायर कर दिया था। फैमिली कोर्ट में फैसले से एक दिन पूर्व जज ने, एक...
Rachnakunj .
Sep 17, 20233 min read


गुरु की व्याकुलता
मुकेश ‘नादान’ नरेंद्रनाथ के दक्षिणेश्वर आगमन के कुछ दिनों बाद बाबूराम (भविष्य में स्वामी प्रेमानंद) का आवागमन शुरू हुआ। एक दिन वे रामदयाल...
Rachnakunj .
Sep 16, 20232 min read


फूल पलाश के ले आना
सुनीता मुखर्जी "श्रुति" लौट आना फगुआ से पहले सँग फूल पलाश के ले आना बेरंग पल बीत रहे बन दुष्कर सुर्ख गुलाल बन बिखरा जाना। हर लम्हें गुजरे...
Rachnakunj .
Sep 16, 20231 min read


तिनके का सहारा
मनीषा गुप्ता सेठ रामलाल जी की पत्नी का एक लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था, अब वह इतनी बड़ी कोठी में अकेले रहते थे। बेटा विदेश में नौकरी...
Rachnakunj .
Sep 14, 20232 min read


नयी कोपल
सविता पाटील कभी किसी में अपना ही अक्स दिख जाता है। जो तुम्हारे जैसा ही सोचता है। तुम्हारे जैसा ही किसी वृतांत को देखता है, समझता है। फिर...
Rachnakunj .
Sep 14, 20231 min read


सेवा का फल
शिवकुमार गोयल हजरत मूसा हर पल खुदा की याद में डूबे रहते थे। उन्हें खुदा के नूर की अनुभूति हर क्षण होती रहती थी। एक दिन इबादत के समय...
Rachnakunj .
Sep 13, 20231 min read


विदेशी बेटा
लतिका श्रीवास्तव पीयूष बेटा तेरे पिता तुझे बहुत याद कर रहे हैं। अंतिम समय में तुझे देखना चाहते हैं। एक बार आ जा बेटा। दमयंती जी करुणा...
Rachnakunj .
Sep 13, 20234 min read


अनोखी विरासत
नीरजा कृष्णा रात के बारह बज रहे थे। अचानक मोबाइल पर खर्र खर्र हुई। सरिता जी एकाएक घबड़ा सी गईं कि इतनी रात को कौन है? फिर देखा कि अमेरिका...
Rachnakunj .
Sep 12, 20231 min read


काजू का पेड़
धर्मेंद्र दयाल सिन्हा तवियत कुछ खराब रहने के कारण मैं कार्यालय से अवकाश लिया था। अपनी दोनों बेटियों 15 वर्षीय दिशा एवं 8 वर्षीय आस्था को...
Rachnakunj .
Sep 12, 20233 min read


गरीब का बेटा
लक्ष्मी कांत मैं एक घर के करीब से गुज़र रहा था कि अचानक से मुझे उस घर के अंदर से एक बच्चे की रोने की आवाज़ आई। उस बच्चे की आवाज़ में इतना...
Rachnakunj .
Sep 11, 20235 min read


ईश्वर के करम
डॉ. रश्मि दुबे भटकते हुए कारवां अक्सर दरबदर नहीं होते। सब के नसीब में खुदा रहने को घर नहीं होते। ग़ुरबत में जीते जो दुनिया से बेखबर नहीं...
Rachnakunj .
Sep 11, 20231 min read


अपनी बेटी
गीता वाधवानी रजनी कुछ दिनों से महसूस कर रही थी कि जब वह अपने मोहल्ले से निकलती है और जब शाम को अपनी जॉब से मोहल्ले में वापस आती है। तब...
Rachnakunj .
Sep 10, 20232 min read


एक परिंदे का खत, मेरे नाम।
डॉ. जहान सिंह ‘जहान’ तुम अपने को कहते हो ‘जहान’। अगर सुन सकते हो तो सुनो मेरा दर्द-ए-बयान। मुझे मेरे हिस्से का आसमां दे दो। कुछ हवा, चंद...
Rachnakunj .
Sep 10, 20231 min read


आत्मबोध
आभा सिंह वह रात भर सो नहीं सका था। नितांत अकेला सड़क पर चला जा रहा था। एक विद्रूप सी हंसी उसके होठों पर तैर गई। ऐसा लगा जैसे उसके होंठ...
Rachnakunj .
Sep 8, 20232 min read


ये रहे कागज़
विकास बिश्नोई अक्सर लोग कहते हैं कि हम समाजसेवा करना तो चाहते हैं पर ऐसा कोई मौका ही नहीं मिलता। अगर मन सच्चा होगा और मन में सेवा की...
Rachnakunj .
Sep 8, 20232 min read


क्रोध
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक संत भिक्षा में मिले अन्न से अपना जीवत चला रहे थे। वे रोज अलग-अलग गांवों में जाकर भिक्षा मांगते थे। एक दिन...
Rachnakunj .
Sep 7, 20232 min read


गोदान
मुंशी प्रेमचंद होरीराम ने दोनों बैलों को सानी-पानी देकर अपनी स्त्री धनिया से कहा-गोबर को ऊख गोड़ने भेज देना। मैं न जाने कब लौटूँ। ज़रा...
Rachnakunj .
Sep 7, 20237 min read


दूध में दरार पड़ गई
अटल बिहारी वाजपेयी ख़ून क्यों सफ़ेद हो गया? भेद में अभेद खो गया। बँट गये शहीद, गीत कट गए, कलेजे में कटार दड़ गई। दूध में दरार पड़ गई।...
Rachnakunj .
Sep 6, 20231 min read


निर्णय
श्रृंगारिका माथुर गांव में जगजीवन के पोते का आज मुंडन था। उसी की दावत चल रही थी। उन्होंने नाचने गाने वालों को भी बुलाया था। एक लड़की बहुत...
Rachnakunj .
Sep 6, 20234 min read


फल वाली बुढ़िया
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव ऑफिस से निकल कर शर्मा जी ने स्कूटर स्टार्ट किया ही था कि उन्हें याद आया। पत्नी ने कहा था 1 किलो जामुन लेते...
Rachnakunj .
Sep 5, 20233 min read


आपके लिए
समीक्षा सिंह मंजिल तक जो जाती ना हों उन राहों पर जाना क्या। अनजाने लोगों को जग में अपना दर्द सुनाना क्या। चाहे कुछ भी मिल न सके पर कोई...
Rachnakunj .
Sep 5, 20231 min read


अपने तो अपने होते हैं…
डॉ. पारुल अग्रवाल ज्योति और उसका पति सजल दोनों एम.एन.सी. में काम करते हैं और उनका एक साल का बेटा है। पर ज्योति को करीब पंद्रह दिन से वो...
Rachnakunj .
Sep 4, 20232 min read
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