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जग का मेला
सत्येंद्र तिवारी जग का मेला लगा रहेगा लगा रहेगा आना-जाना यही सत्य हमने पहचाना। ठगे गए सब इस मेले में, जाने कौन यहां ठगता है सब को ठगने...
Rachnakunj .
Sep 4, 20231 min read


ज़िन्दगी ख़ूबसूरत है।
सरला सिंह कुछ साल पहले, मेरी एक सहेली ने सिर्फ 50 साल की उम्र पार की थी। लगभग 8 दिनों बाद वह एक बीमारी से पीड़ित हो गई थी और उसकी जल्दी...
Rachnakunj .
Sep 3, 20233 min read


लाल चूड़ियाँ
सुनीता पाण्डेय शाम हो चली थी। मैं चाय बना कर अपनी बालकनी में इत्मिनान से चाय पी रही थी। जो कि मेरी पसंदीदा शांत जगह है। कुछ फूलों के पौधे...
Rachnakunj .
Sep 3, 20237 min read


औलाद वाले
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव रास्ते में एक खंभे की लाइट जल रही थी। उस खंभे के ठीक नीचे एक 15 से 16 साल की लड़की पुराने फटे कपड़े में डरी सहमी...
Rachnakunj .
Sep 2, 20232 min read


अल्बर्ट का ढाबा
शीला पाण्डेय क्लास में सभी बच्चों ने फ़ीस जिसे विद्यालय विकास निधि कहते हैं, दे दिया था, सिर्फ़ अल्बर्ट पाल को छोड़ कर। अल्बर्ट फ़ीस लाए...
Rachnakunj .
Sep 2, 20233 min read


मेरा गाँव
सुनीता पाण्डेय निशा सालों बाद अपने मम्मी-पापा के साथ गांव जा रही थी। आपने मामा के बेटे की शादी में। बचपन में गई थी उसके बाद हॉस्टल में...
Rachnakunj .
Sep 1, 20232 min read


बहू का घर
लक्ष्मी कुमावत वंदना रसोई के काम से फ्री होकर मम्मी जी के कमरे की तरफ जा रही थी। सोने से पहले सुबह की तैयारी करके रखना चाहती थी। सुबह तो...
Rachnakunj .
Sep 1, 20235 min read


स्वार्थी राजा
विनोद मिश्रा एक जंगल में मंदविष नामक सांप रहता था और बहुत बूढ़ा हो चुका था। बूढ़ा और कमजोर होने के कारण अपना शिकार करने में असमर्थ था। एक...
Rachnakunj .
Aug 30, 20234 min read


स्वर्ग या नर्क
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक वैश्या मरी और उसी दिन उसके सामने रहने वाला बूढ़ा सन्यासी भी मर गया, संयोग की बात है। देवता लेने आए सन्यासी...
Rachnakunj .
Aug 29, 20232 min read


आओ फिर से दिया जलाएँ
अटल बिहारी वाजपेयी आओ फिर से दिया जलाएँ भरी दुपहरी में अँधियारा सूरज परछाई से हारा अंतरतम का नेह निचोड़ें- बुझी हुई बाती सुलगाएँ। आओ फिर...
Rachnakunj .
Aug 29, 20231 min read


काबुलीवाला
रबीन्द्रनाथ टैगोर मेरी पाँच वर्ष की छोटी लड़की मिनी से पल भर भी बात किए बिना नहीं रहा जाता। दुनिया में आने के बाद भाषा सीखने में उसने...
Rachnakunj .
Aug 28, 202312 min read


एक गृहणी
पराग त्रिपाठी एक गृहणी वो रोज़ाना की तरह आज फिर ईश्वर का नाम लेकर उठी थी। किचन में आई और चूल्हे पर चाय का पानी चढ़ाया। फिर बच्चों को नींद...
Rachnakunj .
Aug 28, 20233 min read


पति पत्नी का प्रेम
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक सेठ जी थे। उनके घर में एक गरीब आदमी काम करता था, जिसका नाम था रामलाल। जैसे ही रामलाल के फ़ोन की घंटी बजी...
Rachnakunj .
Aug 27, 20232 min read


ईश्वर क्या है?
मुकेश ‘नादान’ नरेंद्र प्रात: सायं भजन करने बैठ जाते, ईश्वर का नाम लेते, उन्हें स्मरण करते। एक दिन उनके पिता ने उनकी परीक्षा लेनी चाही तो...
Rachnakunj .
Aug 27, 20232 min read


मातृभूमि के वीर
सलमा शफ़ीक़ गौरी जब 1991 में मेरी शादी कैप्टन शफीक़ गौरी से हुई तो मेरी उम्र 19 साल थी। उनके अक्सर तबादले होते रहते थे और वो मुझसे लंबे...
Rachnakunj .
Aug 26, 20233 min read


तृप्त हो जाती
अशोक कुमार बाजपेई बचपन में मां कहती थी मघा के बरसे मां के परसे धरती तृप्त हो जाती है और पुत्र की भूख भी। तब मां माघ नक्षत्र भादव मास में...
Rachnakunj .
Aug 26, 20231 min read


परिणीता
Chapter- 01 शरत चंद्र चट्टोपाध्याय लक्ष्मण की छाती पर जब शक्ति-बाण लगा होगा, तो ज़रूर उनका चेहरा भयंकर दर्द से सिकुड़ गया होगा, लेकिन...
Rachnakunj .
Aug 25, 20236 min read


इंतजार वक्त का …
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव कल मैं दुकान से जल्दी घर चला आया। आम तौर पर रात में 10 बजे के बाद आता हूं, कल 8 बजे ही चला आया। सोचा था घर...
Rachnakunj .
Aug 25, 20233 min read


वर्किंग वूमेन
उषा भारद्वाज अस्पताल के पलंग पर वह थी। पास में उसके बेटा लेटा था, जिसका 2 दिन पहले ही जन्म हुआ था। प्राइवेट रूम खाली न होने के कारण सेमी...
Rachnakunj .
Aug 24, 20233 min read


अपना घर
पुष्पा कुमारी "पुष्प" "सुमन! जल्दी से खाना बना दो बहुत जोरों की भूख लगी है।" अभी-अभी दफ्तर से घर लौटी सुमन को देखते ही हॉल में लगे सोफे...
Rachnakunj .
Aug 24, 20233 min read


अज्ञानी
अमरेन्द्र मूर्ख भला कब कहता है, मैं हूँ एक अज्ञानी। उल्टा-सीधा करता है, यही है उसकी निशानी। केवल ग्रंथों को पढ़ने से, नहीं बनता कोई...
Rachnakunj .
Aug 23, 20231 min read


देशहित
रमाकांत शुक्ल एक नाव बीच नदी में डूब गई। शिकायत राजा तक आई। राजा के दरबार में पेशी हुई। राजा ने नाविक से पूछा – नाव कैसे डूबी? राजा :...
Rachnakunj .
Aug 23, 20232 min read


पड़ोसन
रवीन्द्रनाथ ठाकुर मेरी पड़ोसिन बाल-विधवा है। मानो वह जाड़ों की ओस, भीगी पतझड़ी हरसिंगार हो। सुहागरात की फूलों की सेज के लिए नहीं, वह केवल...
Rachnakunj .
Aug 22, 20237 min read


नालायक
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव बेटा, हमारा एक्सीडेंट हो गया है, मुझे तो ज्यादा चोट नहीं आई लेकिन तेरी माँ की हालत गंभीर है, कछ पैसों की जरुरत...
Rachnakunj .
Aug 22, 20234 min read
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