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बेपनाह मुहब्बत
शिव सागर मौर्य धूल मैं तेरी गलियों की, कदमों से तेरे लिपट जाऊं। छूटे ना साथ कभी तेरा, मैं तेरे लिए ही मिट जाऊं।। हर पल राह निहार रही, आने...
Rachnakunj .
Aug 21, 20231 min read


श्रद्धा
उपेंद्र प्रसाद एक गाँव में एक महात्मा आये। उन्होंने एक अनुष्ठान किया ईश्वर प्राप्ति के लिए। इसके लिए उन्होंने स्वयं को लोहे की जंजीर से...
Rachnakunj .
Aug 21, 20231 min read


जैसा करोगे वैसा भरोगे
रश्मि प्रकाश अपने पैंसठवे जन्मदिन पर सुभद्रा जी उस शहर के एक वृद्धाश्रम में जाकर कुछ कपड़े और मिठाई बाँटना चाहती थी। उन्होंने जब अपने...
Rachnakunj .
Aug 20, 20232 min read


कर्ज वाली लक्ष्मी
रमाकांत शुक्ल एक 15 साल के बेटे ने अपने पापा से कहा, पापा दीदी के होने वाले ससुर और सास कल आ रहे है अभी जीजाजी ने फोन पर बताया। दीदी मतलब...
Rachnakunj .
Aug 20, 20232 min read


पिता का प्यार....
लक्ष्मी कांत पांडे एक 75 वर्ष के वृद्ध पिता अपने 40 वर्षीय उच्च शिक्षित बेटे के साथ अपने घर में सोफे पर बैठे थे। अचानक एक कौवा आया और...
Rachnakunj .
Aug 19, 20232 min read


मैं तार घर हूं।
यह बात और है कि मैं अब बेकार हूं। पर बीते वक्त का एक चमत्कार हूं। वीराने में बेरौनक खड़ा हूं अब। इस शहर के जंगल में पड़ा हूं अब। मेरे कान...
Rachnakunj .
Aug 19, 20233 min read


गुरु की उदासी
मुकेश ‘नादान’ एक दिन श्रीरामकृष्ण भक्त के स्वभाव को चातक का दृष्टांत देकर समझा रहे थे, “चातक जिस प्रकार अपनी प्यास बुझाने के लिए बादल की...
Rachnakunj .
Aug 18, 20232 min read


कर्मों की दौलत
डॉ रश्मि दुबे कड़वे बोलों की बोली से जब जब दिल भर आता है। तीर ज़ुबां का जब भी लगता जख़्म नहीं भर पाता है। घटता रिश्तों का मीठा पन होते दिल...
Rachnakunj .
Aug 18, 20231 min read


अपना देश
दीपशिखा लैपटॉप लेकर बैठी है चुनमुनिया खलिहान में, दृश्य बदलते देख रही हूँ अपने हिंदुस्तान में... गूगल की दुनिया से जाने दुनिया का...
Rachnakunj .
Aug 17, 20231 min read


प्यास सच्ची गिलास झूठा
विजया डालमिया अब मुझे तुम पर विश्वास नहीं रहा...छला है तुमने मुझे ....कहकर तेजी से सुमि रूम की तरफ बढ़ चली। प्लीज सुमि .... प्लीज .. मेरी...
Rachnakunj .
Aug 17, 20232 min read


घड़ी
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक दिन की बात है। एक किसान अपने खेत के पास स्थित अनाज की कोठी में काम कर रहा था। काम के दौरान उसकी घड़ी कहीं खो...
Rachnakunj .
Aug 16, 20232 min read


कुछ सवाल
मधु मधुमन रीत कैसी ये जग में चलाई गयी, नातवां पर ही उँगली उठाई गई, भूल बेटे भी करते हैं अक्सर तो फिर, क्यूँ बहू ही हमेशा सताई गयी। एक...
Rachnakunj .
Aug 16, 20231 min read


नीली चिड़िया
अंकिता शाम्भवी कई बार तुम्हें पढ़ते हुए मैं ख़यालों के समंदर में डूबने-उतराने लगती हूँ जब बिल्कुल डूबने को होती हूँ— तुम्हारी कविताएँ मुझे...
Rachnakunj .
Aug 15, 20232 min read


ध्वज के रंग
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक दिन कक्षा में गुरुजी ने बच्चों से पूछा- "बच्चों, बताओ तो भारत के राष्ट्रीय ध्वज में कितने रंग होते है?"...
Rachnakunj .
Aug 15, 20232 min read


तिरंगा हम फहरायेंगे
पिंकी सिंघल झंडा ऊंचा रहे हमारा, लगता सबसे एकदम न्यारा, तीन रंगों से सजकर ये झंडा, दिखता देखो कितना प्यारा। हरा रंग हरियाली बतलाता, त्याग...
Rachnakunj .
Aug 14, 20231 min read


हम तुम और वो
अगम प्रसाद श्रीवास्तव मैंने कभी ये सोचा भी नही था, कि इतने लंबे अंतराल के बाद वह अचानक मेरे सामने आ खड़ी होगी। मैं कुछ देर अपने आप को...
Rachnakunj .
Aug 14, 20237 min read


खुद्दारी
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव दो जवान बेटे मर गए। दस साल पहले पति भी चल बसे। दौलत के नाम पर बची एक सिलाई मशीन। सत्तर साल की बूढी ममता गाँव...
Rachnakunj .
Aug 12, 20232 min read


नमन मां शारदे
मुक्ता शर्मा पालते हैं जिद सभी बेकार की। बस यही तो है वजह तक़रार की जब से ऑंगन में लगी दीवार है। रौशनी आती नहीं उस पार की। बस अभी तो हम...
Rachnakunj .
Aug 12, 20231 min read


दरार
अंचल सिन्हा कमल बाबू को लगता है कि वे टूट से गए हैं। अबतक वे अपनों से दूर होते गए थे, तो भी किसी तरह अपने को सहेजे हुए थे। भाई, बहन और...
Rachnakunj .
Aug 11, 20232 min read


जीवन की मिठास
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक प्रोफ़ेसर क्लास ले रहे थे। क्लास के सभी छात्र बड़ी ही रूचि से उनके लेक्चर को सुन रहे थे। उनके पूछे गये सवालों...
Rachnakunj .
Aug 10, 20232 min read


नूर
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव माँ आप जल्दी से अच्छी सी साड़ी पहन लो और हाँ जरा सा फेस पैक लगा लो, आपका रंग बहुत गहरा होता जा रहा है। अपनी...
Rachnakunj .
Aug 10, 20232 min read


भ्रम
आचार्य जहान भ्रम का भ्रम ही रहना भला है। कुछ न होने से कुछ होना भला है। भ्रम टूटा तो टूटेगी और सरहदें बिखर जाएंगे तेरे सपने दूर हो जाएंगे...
Rachnakunj .
Aug 9, 20231 min read


पहला मानसून
एम.एस.ठाकरे आज खरीददारी करने मार्केट गई थी। सराफा से निकली तो मुझे अकेला पाकर उसने मुझे आवाज दे दी। मयूरी ,,,,,मयूरी , रुक जाओ ... मैं तो...
Rachnakunj .
Aug 9, 20233 min read


मौत से ठन गई
अटल बिहारी वाजपेयी ठन गई! मौत से ठन गई! जूझने का मेरा इरादा न था, मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था, रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई, यों लगा...
Rachnakunj .
Aug 7, 20231 min read
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