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हद हो गयी
बहुरानी का पार्सल? देखें तो हमारी बहु को हमसे कितना प्यार है? हे राम जे क्या? नींद की गोलियाँ वो भी पूरे हज़ार का बंडल? बबलू एक बात सुनो। तुम लोग रात भर इतनी खटर पट्टर मचाये रखते हो हमे सारी रात उठ उठ कर टोकना पड़ता है, सोते क्यूँ नही? बहु को भेज यहाँ ये सारी उसी को दे दूंगी। आ तो गए चिक्की डब्बू, अब तो चैन सोने दो मुझे, हद हो गई।
निरंजन धुलेकर
May 82 min read


ईश्वर की कृपा
एक आश्रम में संतों की विशाल सभा लगी हुई थी। भजन, प्रवचन और शांति का वातावरण चारों ओर फैला था। किसी श्रद्धालु ने प्रेम से एक नया मिट्टी का घड़ा लाकर उसमें गंगाजल भर दिया और सभा के बीच रख दिया, ताकि जब भी किसी संत को प्यास लगे, वह गंगाजल ग्रहण कर सकें।
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Feb 123 min read
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