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एक पुरुष ऐसा भी
विवान पढ़ाई में अत्यंत मेधावी थे। मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखने वाले विवान का व्यक्तित्व जितना आकर्षक था, उतना ही सादगीपूर्ण भी। लंबा कद, मजबूत शरीर, चेहरे पर गम्भीरता और आँखों में एक अलग ही आत्मविश्वास—कॉलेज की न जाने कितनी लड़कियाँ उन पर मोहित थीं, पर विवान ने कभी किसी की ओर विशेष ध्यान नहीं दिया। वह अपने लक्ष्य और अपने सिद्धांतों में ही खोए रहते थे।
दीपक सिंह
6 days ago7 min read


मेरा फ़र्ज
अरुण कुमार गुप्ता पिताजी के जाने के बाद आज पहली दफ़ा हम दोनों भाईयों में जम कर बहसबाजी हुई। फ़ोन पर ही उसे मैंने उसे खूब खरी-खरी सुना दी। पुश्तैनी घर छोड़कर मैं कुछ किलोमीटर दूर इस सोसायटी में रहने आ गया था। उन तंग गलियों में रहना मुझे और मेरे बच्चों को कतई नहीं भाता था। हम दोनों मियां-बीबी की अच्छी खासी तनख्वाह के बूते हमने ये बढ़िया से फ्लैट ले लिया। सीधे-साधे से हमारे पिताजी ने कोई वसीयत तो की नहीं पर उस पुश्तैनी घर पर मेरा भी तो बराबर का हक बनता है। छोटा भाई मना नहीं करता,
अरुण कुमार गुप्ता
Dec 4, 20252 min read
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