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सपनों की उड़ान
इन छोटी बातों को लेकर अब आप किसी को भी मरने पर मजबूर नहीं कर सकते। अब हमारे पंखों को भी उड़ान मिल चुका है। अब न्याय मिलना किसी की बपौती नहीं, न ही कोई यह कह सकता है कि तुम पर सिर्फ मेरा अधिकार है,इसलिये अपनी पद प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए केवल गाँव की भलाई सोचिए– कहते हुए आशा ने अपना बैग उठाया और आत्मविश्वास के साथ उड़ान भरने की दिशा में कदम बढ़ा दिया।
वीणा कुमारी
Sep 152 min read


पिता की दौलत
यह कहानी एक गहरी भावनात्मक और जीवन-मूल्य से भरी सामाजिक सच्चाई को उजागर करती है। कहानी की शुरुआत एक गांव में अकेले रह रहे बूढ़े पिता की मृत्यु से होती है। उनके दोनों बेटे, जो रोज़गार और भविष्य के लिए अलग-अलग शहरों में बस चुके थे, पिता के अंतिम संस्कार के लिए गांव आते हैं। सारे धार्मिक और सामाजिक कर्मकांड पूरे हो जाते हैं। गांव के कुछ लोग जा चुके होते हैं और कुछ अभी बैठे होते हैं, तभी बड़े भाई की पत्नी अपने पति के कान में कुछ फुसफुसाती है।
इसके बाद बड़े भाई अपने छोटे भाई को भी
श्रद्धा पटेल
Jan 23 min read
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