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ईदगाह
बुढ़िया का क्रोध तुरंत स्नेह में बदल बच्चे में कितना त्याग, कितना सद्भाव और कितना विवेक है! दूसरों को खिलौने लेते और मिठाई आकर इसका कितना ललचाया होगा? वहाँ इसे अपनी बुढ़िया दादी याद बनी रही। वहाँ भी इसे अपनी बुढ़िया दादी की याद बनी रही। अमीना का मन गद्गद हो गया।
वह रोने लगी। दामन फैलाकर हामिद को दुआएँ देती जाती थी और आँसू की बड़ी-बड़ी बूँदें गिराती जाती थी।
प्रेमचंद
Aug 219 min read


एक पुरुष ऐसा भी
विवान पढ़ाई में अत्यंत मेधावी थे। मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखने वाले विवान का व्यक्तित्व जितना आकर्षक था, उतना ही सादगीपूर्ण भी। लंबा कद, मजबूत शरीर, चेहरे पर गम्भीरता और आँखों में एक अलग ही आत्मविश्वास—कॉलेज की न जाने कितनी लड़कियाँ उन पर मोहित थीं, पर विवान ने कभी किसी की ओर विशेष ध्यान नहीं दिया। वह अपने लक्ष्य और अपने सिद्धांतों में ही खोए रहते थे।
दीपक सिंह
May 77 min read


सियार और ढोल
एक बार एक जंगल के निकट दो राजाओं के बीच घोर युद्ध हुआ। एक जीता दूसरा हारा। सेनाएं अपने नगरों को लौट गईं। बस, सेना का एक ढोल पीछे रह गया। उस ढोल को बजा-बजाकर सेना के साथ गए भाट व चारण रात को वीरता की कहानियां सुनाते थे।
पंचतंत्र की कहानी
Jan 32 min read


कफ़न
प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी “कफ़न” भारतीय ग्रामीण समाज की कठोर सच्चाइयों, गरीबी, संवेदनहीनता और सामाजिक व्यवस्था की विडंबना को उजागर करती है। कहानी के मुख्य पात्र घीसू और माधव हैं, जो बाप–बेटा हैं और अत्यंत निर्धन तथा कामचोर स्वभाव के हैं। वे समाज के हाशिए पर जीवन जीते हैं और मेहनत से दूर भागते हैं।
यह कहानी गरीबी से उपजे नैतिक पतन, सामाजिक अन्याय और मानवीय मूल्यों के क्षरण पर तीखा व्यंग्य करती है।
पूरी कहानी जानने के लिए पढ़ें : प्रेमचंद की लिखी कहानी कफ़न ?
प्रेमचंद
Jan 210 min read
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