अवीर गुलाल की होली
- Feb 25
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Updated: Feb 25
बद्री प्रसाद वर्मा अनजान
चंपक वन में होली मनाने की तैयारी में सभी जानवर जी जान से जुटे हुए थे। क्या छोटा क्या बड़ा सभी जानवर अपनी-अपनी खरीदारी में लगे हुए थे। चंपक वन का प्रधान मंत्री टनटन हाथी ने सारे चंपक वन में मुनादी करवा दी कि इस साल हमारे घर आ कर सभी जानवरों को होली मनानी होगी। होली पर सभी को बढ़िया बढ़िया पकवान खाने को मिलेगा। तथा बेहतरीन होली खेलने वाले जानवर को हमारे तरफ से पुरस्कार भी दिया जाएगा। मुनादी सुन कर सारे जानवर बहुत खुश हुए। होली के दिन प्रधान मंत्री टनटन हाथी के घर जानवरों का आना शुरू हो गया। सबसे पहले मिन्टू हिरन, बिट्रटू जेबरा और ओम ओम भालू एक साथ पधारे।
फिर बारी-बारी से छोटू खरगोश, चिन्टू गैड़ा, बंटू बंदर, विकी सियार, चुन्नू चूहा, रिंकी गिलहरी और लम्बू जीराफ आकर जमा हो गए। प्रधान मंत्री टनटन हाथी का दोस्त मिन्टू हिरन पूछ पड़ा यार टनटन तुम्हारे इस होली प्रोग्राम में दारा शेर, बीरू बाघ, चंदू चीता और यीशु गैंड़ा अभी तक क्यों नही आए? हमें क्या पता क्यों नही आए मगर बुलावा तो हमने सबको दिया था। क्या पता वे सब कहीं और गए हो और देर से आए तब तक आप सब जानवर मिल कर भोजन कीजिए प्रधान मंत्री टनटन हाथी कह कर चुप हो गए। कुर्सी पर बैठे सभी जानवरों के आगे लगे मेज पर पकवानों से भरी थाली मोनू वनमानुष द्वारा रखा जाने लगा।
सारे जानवर अपनी-अपनी थाली में गोझियां, मालपुआ, खड़पुडी, गुलगुला, रसगुल्लापुड़ी, पोलाव, मटर-पनीर तथा सलाद देख कर खुशी से फुले नही समाए। खाने की थाली अपनी ओर खिंच कर सभी जानवर खाना खाने लगे। तभी एक चमचमाती गाड़ी से दारा शेर, बीरू बाघ, चंदू चीता और यीशु गैड़ा वहां आए और गाड़ी से बाहर निकल कर खाने की कुर्सी पर जा बैठे। तभी प्रधान मंत्री टनटन हाथी सबसे पूछ पड़ा आप सब को आने में इतना देर क्यों हो गई? इतना सुनना था कि दारा शेर बोल पडा हम चारों मित्रों को होली मनाने के लिए नंदन वन के राजा पहलवान शेर का बुलावा आ जाने से हम सब वहीं होली खेलने चले गए थे।
इसलिए यहां आने में देर हो गई। मोनू वनमानुष ने चारो मित्रों के सामने पकवानों से भरी थाली खाने के लिए रख दिए। सभी मित्र एक साथ खाना खाने लगे। खाना खाने के बाद होली खेलने के लिए अपनी-अपनी पिचकारी और रंग अपने-अपने हाथों में उठा लिया। तभी दारा शेर बोल उठा हम सब नंदन वन से अवीर गुलाल की होली खेल कर आ रहे हैं, इसलिए हम चाहते हैं यहां पर भी अवीर गुलाल की होली खेली जाए। ताकी हम जहरीले केमिकल वाले रंगों से बच सकें। हमारा सुझाव सबको पसंद है तो हां या ना में जवाब दे।
दारा शेर की बात सुन कर सारे जानवर एक साथ बोल पड़े हम सब अवीर गुलाल की होली खेलना चाहते है। इतना सुनना था कि दारा शेर, टनटन हाथी और सारे जानवर एक दूसरे के माथे और गाल पर अवीर गुलाल लगा कर खूब मजे से होली मनाने लगे। होली समाप्त होते ही प्रधान मंत्री टनटन हाथी ने घोषण की इस साल दारा शेर ने हम सब को अवीर गुलाल की होली खेलने की बात बता कर बहुत नेक काम किया है। और हम सब को जहरीले रंगों से बचाया है इसलिए मैं इस साल का पुरस्कार दारा शेर को देने का ऐलान करता हूं। अगले साल से हम सब सिर्फ अवीर गुलाल से ही होली खेलेंगे। दारा शेर प्रधान मंत्री टनटन शेर की ओर से चांदी का सिल्ड और पांच हजार रूपया नगद पा कर खुशी से फुला नही समाया। पुरस्कार पाने की खुशी में सभी जानवर दारा शेर को बधाई दे कर अपने घर जाने लगे।
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