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एक पेड़ हमने लगाया

  • Jun 15, 2024
  • 1 min read

अशोक कुमार बाजपेई

 

अब गति आगे बढ़ाओ

एक पेड़ हमने लगाया एक तुम लगाओ

पंक्ती को बनाओ

पांति को सजाओ

एक पेड़ हमने लगाया एक तुम लगाओ

यहां से जिंदगी की शुरुआत है

पेड़ों से ही होती बरसात है

अपने-अपने घर को सब सजाओ

एक पेड़ हमने लगाया एक पेड़ तुम लगाओ

वृक्ष पानी साथ हो

और फिर ना कोई बात हो

चिड़िया हर वृक्ष पर चहचहाएगी

तितलियां उड़ उड़ आएगी

भौरे फिर भन भननाएंगे

गीत अपना-अपना गाएंगे

धरती हरी भरी हो जाएगी

सबके मन को भाएगी

एक हाथ हमने बढ़ाया एक तुम भी बढ़ाओ

एक पेड़ हमने लगाया एक तुम लगाओ।

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