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जगन्नाथ भगवान

  • 5 days ago
  • 1 min read

डा अर्चना सिंह चौहान

 

जय जय जगन्नाथ भगवान ।

तुम्हरी महिमा बड़ी महान ॥

उड़ीसा में जाय बिराजै,

नित उठ खिचड़ी भोग है साजै ।

बहन सुभद्रा बलदाऊ भैया ,

संग है जगन्नाथ भगवान ।

तुम्हरी महिमा बड़ी महान ,

जय जय जगन्नाथ भगवान ॥

सतयुग मे बद्रीनाथ की ,

त्रेता महिमा रामेश्वर की ।

द्वापर में द्वारिका पुरी की ,

कलयुग जगन्नाथ  धाम की ।

दर्शन को लालायित सब भगवान,

करते है सबका कल्याण ।

तुम्हरी महिमा बड़ी महान '

जय जय जगन्नाथ भगवान ॥

अदभुत चले है पवन झरोखा,

उलटा ही लहराय पताका ।

कई अजूबे है परिसर मे ,

कल्पवृक्ष है स्वर्ग लोक का ।

लाए इन्द्र देव भगवान ,

देते है इच्छित वरदान ।

तुम्हरी महिमा बड़ी महान,

जय जय जगन्नाथ भगवान ॥

रथ का  उत्सव बड़ा ही प्यारा ,

भक्त लगाते है जयकारा ।

उलटी एकादशी टगी है ,

सबके मन में आस लगी है ।

पूरन हों जाय सबके काम

दे दो ऐसा प्रभु वरदान

तुम्हरी महिमा बड़ी महान

जय जय जगन्नाथ भगवान

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