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तनातनी
लक्ष्मी कांत बीते चार दिनों से दोनों में बोलचाल बंद थी। अभी सालभर भी पूरा नहीं हुआ था मोहन और सुधा की शादी को। यूं तो छोटी-छोटी नौकझोंक...
लक्ष्मी कांत
Apr 16, 20242 min read


सोच से परे
कुसुम आज अचला, माँ की व्यथा को समझ पाई थी, आज उसे अहसास हुआ कि माँ किस दर्द और वेदना से गुजरी होगी। माँ के लिये उसके दिल मे भरा रोष आज...
कुसुम
Apr 15, 20243 min read


एहसास
रमा शंकर अवस्थी पत्नी ने पति से कहा, “कितनी देर तक समाचार पत्र पढ़ते रहोगे? यहाँ आओ और अपनी प्यारी बेटी को खाना खिलाओ।” पति ने समाचार...
रमा शंकर अवस्थी
Apr 13, 20242 min read


संघे शक्ति
अंकिता मिश्रा एक घने जंगल में एक बंदर और एक हाथी रहते थे। हाथी बड़ा शक्तिशाली था। वो बड़े-बड़े पेड़ों को एक ही झटके में उखाड़ देता था।...
अंकिता मिश्रा
Apr 13, 20243 min read


मोबाइल पर मुन्ना
अशोक कुमार बाजपाई मोबाइल पर मुन्ना बतलाता बाबा जी को बहुत सुहाता सुनता नहीं काम की बातें मोबाइल में कटती रातें। जाने कहां की बातें लाता...
अशोक कुमार बाजपाई
Apr 11, 20241 min read


सच्ची दोस्ती
विनीता पैंगेनी एक बड़े-से जंगल में एक बंदर और एक खरगोश बड़े प्यार से रहते थे। दोनों में इतनी अच्छी दोस्ती थी कि हमेशा एक साथ खेलते और...
विनीता पैंगेनी
Apr 11, 20242 min read


हमारी शक्ति
श्वेता श्रीवास्तव बहुत समय पहले की बात है किसी जंगल में एक खरगोश अपने परिवार के साथ रहता था। खरगोश जहां रहता था, वहां आसपास बड़े जानवरों...
श्वेता श्रीवास्तव
Apr 10, 20242 min read


नर हो, न निराश करो मन को
मैथिलीशरण गुप्त नर हो, न निराश करो मन को कुछ काम करो, कुछ काम करो जग में रह कर कुछ नाम करो यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो समझो जिसमें यह व्यर्थ...
मैथिलीशरण गुप्त
Apr 10, 20241 min read


पिता का देहांत
मुकेश ‘नादान’ समय के साथ-साथ सब कुछ ठीक ही चल रहा था कि अचानक एक दिन हृदयाघात के कारण नरेंद्र के पिता का देहांत हो गया। नरेंद्र के पिता...
मुकेश ‘नादान’
Apr 8, 20242 min read


फ्यूज बल्ब
डॉ कृष्ण कांत श्रीवास्तव एक छोटे से शहर में एक आईएएस अफसर अपने परिवार सहित रहने के लिये आये, जो हाल ही में सेवानिवृत्त हुये थे? ये अफसर...
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव
Apr 8, 20243 min read


पिता की थाली
राम कुमार शर्मा किसी गाँव में एक बूढ़ा व्यक्ति अपने बेटे और बहु के साथ रहता था। परिवार सुखी संपन्न था। किसी तरह की कोई परेशानी नहीं थी।...
राम कुमार शर्मा
Apr 5, 20242 min read


अच्छाई की जीत
विभा गुप्ता "अंशुल बेटे पापा से पूछ चाय बना दूँ।" "अंशुल, अपनी मम्मी को बोल दे, नहीं पीनी है चाय मुझे।" "अंशुल, पूछ अपने पापा से कि...
विभा गुप्ता
Apr 5, 20242 min read


शेर, चूहा और बिल्ली
अंकिता मिश्रा एक समय की बात है। अर्बुद शिखर नामक पर्वत की गुफा में दुर्दांत नाम का एक शेर रहता था। वह बड़ा ही खूंखार था। वह हर दिन अपनी...
अंकिता मिश्रा
Apr 4, 20242 min read


नरेंद्र की जीत
मुकेश ‘नादान’ 'एकरसता उनसे सहन नहीं होती थी, अत: नित्य नवीन आनंद के उपाय की खोज करनी पड़ती थी। तब यहाँ यह कह देना भी आवश्यक है कि उनके...
मुकेश ‘नादान’
Apr 3, 20242 min read


तुम्हारा लाडला
ऋतु अग्रवाल "मैं नहीं जाऊंगी" "एक बार कह दिया तो कह दिया, मैं नहीं जाऊंगी।" मानसी चिल्ला पड़ी। "क्यों नहीं जाएगी? आखिर ऐसी क्या बात है कि...
ऋतु अग्रवाल
Apr 2, 20241 min read


चालाक लोमड़ी
अविरति गौतम सालों पहले एक जंगल में गधा, लोमड़ी और शेर के बीच अच्छी दोस्ती हो गई। तीनों ने एकदिन बैठकर साथ में शिकार करने के बारे में...
अविरति गौतम
Apr 1, 20242 min read
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