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हंस और मूर्ख कछुआ
विष्णु शर्मा एक तालाब में एक कछुआ रहता था। उसी तालाब में दो हंस भी पानी पीने आते थे। जल्द ही हंस और कछुआ दोस्त बन गए। हंसों को छुए का...
विष्णु शर्मा
Feb 11, 20242 min read


मातृ दिवस
यायावर गोपाल खन्ना मैं तो कहूंगा माता-पिता के लिए तो हर दिन समर्पित है। जब ये शरीर ही माता पिता का दिया हुआ है तो उनको किसी खास दिन से...
यायावर गोपाल खन्ना
Feb 11, 20242 min read


देश का कर्ज
प्रवीण केट समर्थ :- प्रज्ञा प्लीज! मुझे मेरा काम करने दो, मुझे परेशान मत करो। ऐसी फालतू बाते सुनने के लिए मेरे पास तुम्हारे जैसा फालतू...
प्रवीण केट
Feb 9, 20244 min read


अपना फर्ज
रमाकांत अवस्थी ये क्या कर रही हो निशा तुम। अपनी पत्नी निशा को कमरे में एक और चारपाई बिछाते देख मोहन ने टोकते हुए कहा। निशा, मां के लिए...
रमाकांत अवस्थी
Feb 9, 20242 min read


संस्कार
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव वासु भाई और वीणा बेन गुजरात के एक शहर में रहते हैं। आज दोनों यात्रा की तैयारी कर रहे थे। 3 दिन का अवकाश था। पेशे...
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव
Feb 9, 20245 min read


प्रभु की लीला
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक बार श्री कृष्ण और अर्जुन भ्रमण पर निकले। उन्होंने मार्ग में एक निर्धन ब्राहमण को भिक्षा मागते देखा। अर्जुन...
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव
Feb 9, 20242 min read


GOA : My Dream Destination
By Akriti Singh (Class 9th) Allen House Public School, Ghaziabad Goa means gazelle. Its meaning reflects the attraction of that place....
Akriti Singh
Feb 4, 20244 min read


मन की रसीद
गोपाल मिश्रा उमड़ती हुई भीड़ से हटकर चलते हुए पूंजीलाल जी ने अपने दोनों हाथों को कुरते की जेब में डालकर नोटों के सही सलामत होने पर सुकून की...
गोपाल मिश्रा
Feb 4, 20244 min read


कसूर
हरिशंकर गोयल रोहित अपनी दुकान पर बैठा-बैठा मोबाइल में कुछ वीडियो देख रहा था। आजकल बहुत सारी लड़कियां पैसा कमाने के चक्कर में ऊलजलूल...
हरिशंकर गोयल
Feb 1, 20245 min read


परिस्थितियां
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक घर के पास काफी दिन से एक बड़ी इमारत का काम चल रहा था। वहां रोज मजदूरों के छोटे-छोटे बच्चे एक दूसरे की शर्ट...
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव
Feb 1, 20242 min read


नई-पड़ोसन
मंजू यादव 'किरण' अभी छ: महीने पहले मेरे पड़ोस में शर्मा परिवार नया-नया रहने आया है। उनका भरा-पूरा परिवार है। यानी कि वो खुद, उनकी...
Rachnakunj .
Feb 1, 20243 min read


सुन्दरता
डॉ. विभा कुमारी सिंह "खरोंची हुई पीठ छुपाने के लिए बंद गले की ब्लाउज पहनती हो और कहती हो कि खुले गले पसंद नहीं।" शारदा ने अपनी देवरानी...
डॉ. विभा कुमारी सिंह
Jan 31, 20242 min read


बटवारा
लक्ष्मी कुमावत आज घर में एक छोटा सा फंक्शन था। नेहा ने अभी अट्ठाईस दिन पहले ही एक बेटी को जन्म दिया है, बस उसी का कुआं पूजन था। नेहा के...
लक्ष्मी कुमावत
Jan 31, 20247 min read


पटाखा
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव “वाह! क्या लगती हो! इस उम्र में भी बिलकुल पटाखा हो पटाखा।” गली में तेज-तेज कदमों से अपने घर की ओर जाती हुई...
Rachnakunj .
Jan 24, 20242 min read


पोथी-पत्री
ऋतु अग्रवाल सरला भाभी और महेश भैया हमारी ही फ्लैट के बगल में रहते हैं। महेश भैया बाजार में कपड़ों की दुकान चलाते थे। बड़े मजे में उनके...
Rachnakunj .
Jan 23, 20241 min read


फर्ज
रश्मि प्रकाश “भाभी-भाभी कहाँ हो आप, अरे जल्दी से बाहर आओ ना।” नैना अपनी भाभी राशि को इधर-उधर खोजते हुए बोले जा रही थी। “क्या हुआ नैना आ...
Rachnakunj .
Jan 23, 20242 min read


अनोखा अनुभव
रमाकांत अवस्थी आज हेम और हरि दोनों के बीच जबरदस्त विचार-विमर्श चल रहा था। मंहगाई, सरकारी सेवा करते चैनल से होकर बातचीत सच्चे संस्मरण तक आ...
Rachnakunj .
Jan 22, 20244 min read


तुम हो तो मैं हूँ
त्रिलोचन कौर बहुत बड़े घर की खिड़की के अन्दर से माथुर दम्पति की झाँकती दो जोड़ी उदास बूढ़ी आँखे, फोन पर आँखे टिकाये, बेटे विराज के...
Rachnakunj .
Jan 22, 20242 min read


अनहोनी
चिन्मय देशपाण्डे आलोक साहब अपनी सुंदर, सुघड़, विदुषी पत्नी के साथ ऑफिस की सालाना पार्टी में जैसे ही पधारे कइयों के सीने पर सांप लोट गए।...
Rachnakunj .
Jan 20, 20244 min read
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