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प्रेमचंद सारे गॉँव में मथुरा का सा गठीला जवान न था। कोई बीस बरस की उमर थी। मसें भीग रही थी। गउएं चराता, दूध पीता, कसरत करता, कुश्ती लडता...
Rachnakunj .
Aug 7, 20238 min read


हृदय का स्पंदन
राजीव लोचन यह उस ज़माने की बात है, जब लड़के-लड़की की शादी उनके माता-पिता या बड़े भाई-बहन तय कर देते थे। आज के ज़माने की तरह लड़का-लड़की न तो एक...
Rachnakunj .
Aug 7, 20232 min read


विजेता मेंढक
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव बहुत समय पहले की बात है एक सरोवर में बहुत सारे मेंढक रहते थे। सरोवर के बीचों-बीच एक बहुत पुराना धातु का खम्भा भी...
Rachnakunj .
Aug 6, 20232 min read


सच्चा गुरु
मुकेश ‘नादान’ नरेंद्र की उस समय जो मन:स्थिति थी, उसके विषय में स्वामी सारदानंद ने अपने ग्रंथ 'श्रीरामकृष्ण लीला प्रंग' में लिखा है, “मैं...
Rachnakunj .
Aug 6, 20232 min read


अर्धांगिनी
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव लेफ्टिनेंट कर्नल की नवेली पत्नी सीमा ने जैसे ही पति के पार्थिव शरीर को झंडे में लिपटे हुए देखा, जोर से फफक...
Rachnakunj .
Aug 5, 20232 min read


मुस्कान
सविता पाटील पलों से पल में… बह रही है ज़िन्दगी, हर पल कुछ हो नया, कह रही है ज़िन्दगी! तेरा होना न होना… कुछ तो फर्क करे, अखबारों में...
Rachnakunj .
Aug 5, 20231 min read


नजरिया
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक गाँव में अशोक कुमार नाम का कुम्हार रहता था। माँ – बाबा बचपन में ही गुजर गये थे अतः अशोक कुमार कुंवारा ही...
Rachnakunj .
Aug 4, 20233 min read


चंद्रकांता
चंद्रकांता देवकीनंदन खत्री बयान – 1 शाम का वक्त है। कुछ-कुछ सूरज दिखाई दे रहा है। सुनसान मैदान में एक पहाड़ी के नीचे दो शख्स वीरेंद्र...
Rachnakunj .
Aug 3, 20233 min read


अहमक
मधु मधुमन पहले ख़ुद बेकली ढूँढते हैं। फिर सुकूं की घड़ी ढूँढते हैं। बख़्त में ही न हो शय जो अपने हम वही, बस वही ढूँढते हैं। जाने क्या हो...
Rachnakunj .
Aug 3, 20231 min read


साड़ी कैसी है?
उषा भारद्वाज क्या हुआ बहू? - सावित्री ने अपनी जगह पर बैठे-बैठे अपनी बहू रितु की तेज आवाज सुनकर पूछा। कुछ नहीं मां - प्रकाश उनके बेटे ने...
Rachnakunj .
Aug 3, 20235 min read


सब्र का फल
प्रदीप कुमार वर्मा मुकेश छब्बीस साल का एक खूबसूरत, होनहार नौजवान था। जब राज्य प्रशासनिक सेवा की परीक्षा पास कर वह एक उच्च पद पर आसीन हुआ,...
Rachnakunj .
Aug 2, 20234 min read


जज़्बात
विनीता तिवारी चुरा हर चीज़ ग़ैरों की वो अक्सर बात करते हैं। कि ये तेरा मेरा इंसान को बर्बाद करते हैं। मुहब्बत ज़िंदगी में ग़र मिले सच्ची...
Rachnakunj .
Aug 2, 20231 min read


पहला कदम
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव "माँ, क्या आप कभी डेट पर गए हो?”, सुमित का प्रश्न सुन कविता चौंक गई। "डेट?” उसके जमाने में ये सब बातें कहाँ...
Rachnakunj .
Aug 2, 20233 min read


अधूरी कहानी
समीर उपाध्याय अक्षत और आभा दोनों कॉलेज में साथ पढ़ते थे। दोनों के बीच प्रेम के अंकुर फूटे। दोनों ने जीवन भर एक दूसरे का साथ निभाने की...
Rachnakunj .
Aug 1, 20232 min read


हम तीन
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक औरत ने तीन सन्तों को अपने घर के सामने देखा। वह उन्हें जानती नहीं थी। औरत ने कहा – “कृपया भीतर आइये और भोजन...
Rachnakunj .
Aug 1, 20232 min read


अद्भुत प्यार
सरोज माहेश्वरी लॉन में पंक्तिबद्ध कुर्सियां लगी थी। आज वृद्धाश्रम की संख्या में एक अंक और बढ़ऩे वाला था। नियमानुसार नवीन आगन्तुक को अपने...
Rachnakunj .
Jul 31, 20232 min read


बदरा कहां गए
अशोक कुमार बाजपेई ओ बदरा तुम कहां गए बेचैन सभी की आंखें हैं तुम तो सुधि भूल गए ओ बदरा तुम कहां गए। पिछले माह तुम आए थे आकर खुब जल बरसाए...
Rachnakunj .
Jul 31, 20231 min read


मेहनत का महत्व
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव राहुल एक समझदार लड़का था, लेकिन वह पढ़ाई के मामले में हमेशा मेहनत करने से बचता था। एक बार जब उसका पसंदीदा कप टूट...
Rachnakunj .
Jul 30, 20233 min read


स्वर्ग की देवी
प्रेमचंद भाग्य की बात ! शादी विवाह में आदमी का क्या अख्तियार । जिससे ईश्वर ने, या उनके नायबों –ब्रह्मण—ने तय कर दी, उससे हो गयी। बाबू...
Rachnakunj .
Jul 30, 202312 min read


ग़ज़ल
कुसुम शर्मा ये चाँदी की सी चमकीली हवाएं चली हैं आज बर्फ़ीली हवाएं बहे अश्क़ों के दरिया हैं कहीं पर नमी से हो रहीं गीली हवाएं असर ये...
Rachnakunj .
Jul 29, 20231 min read


सच्चे गुरु की तलाश
मुकेश ‘नादान’ सन् 1881 की बात है। नवंबर का महीना था, ठंड भी अपना भरपूर असर दिखा रही थी। एक दिन श्रीरामक्रृष्ण परमहंस आमंत्रण पर...
Rachnakunj .
Jul 29, 20233 min read


बुद्धिमान साधु
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव किसी राजमहल के द्वार पर एक साधु आया और द्वारपाल से बोला कि तुम भीतर जाकर राजा से कहो कि बाहर उनका भाई आया है।...
Rachnakunj .
Jul 28, 20232 min read


मां तुम कितनी सुंदर हो।
डॉ. जहान सिंह 'जहान' प्राकृति का ये सुन्दर आवरण ही पर्यावरण है। ये खूबसूरत धरती मां का घूंघट है। उसकी लज्जा है, उसका श्रंगार है।।...
Rachnakunj .
Jul 28, 20231 min read


गलती का पछतावा
सुरेश चंद्र वर्मा एक व्यक्ति जिनकी उम्र लगभग 60 रही होगी, रिक्शे से अपनी पत्नी को बैठा कर कुछ बेचने का सामान ले के कहीं जा रहे थे। गर्मी...
Rachnakunj .
Jul 27, 20232 min read
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