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एहसास एक अनुभूति
पति पत्नी का प्रेम वहीं तक
जब तक एक दूजे का साथ निभाया।
एक ने भी गर दामन छोड़ दिया
तो यह रिश्ता भी हो जाता पराया।
बबिता चौधरी "राही"
Feb 251 min read


अरुण कुमार गुप्ता: एक भाई की कहानी
पिताजी के जाने के बाद, आज पहली बार हम दोनों भाईयों में जमकर बहस हुई। फोन पर मैंने उसे खूब खरी-खरी सुना दी। मैंने पुश्तैनी घर छोड़कर कुछ किलोमीटर दूर इस सोसायटी में रहने का फैसला किया। उन तंग गलियों में रहना मुझे और मेरे बच्चों को कतई नहीं भाता था। मेरी पत्नी और मैंने अच्छी खासी तनख्वाह के बूते एक बढ़िया फ्लैट ले लिया। सीधे-साधे से हमारे पिताजी ने कोई वसीयत तो की नहीं, पर उस पुश्तैनी घर पर मेरा भी तो बराबर का हक बनता है। मेरा छोटा भाई मना नहीं करता। वह लिखापढ़ी को भी राजी है
अरुण कुमार गुप्ता
Dec 4, 20253 min read
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