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एहसास एक अनुभूति

  • 1 day ago
  • 1 min read

बबिता चौधरी "राही"

 

यहां....

भाई भाई का प्रेम वहीं तक  

जब तक सिर मां बाप का साया।

जिस दिन यह साया उठ गया  

फिर भाई भी हो जाता पराया।

भाई बहन का  प्रेम वहीं तक 

जब तक बहन ने हक ना जताया।

जिस दिन बहन ने हक़ मांग लिया 

"राही" भाई भी हो जाता पराया।

पति पत्नी का प्रेम वहीं तक

जब तक एक दूजे का साथ निभाया।

एक ने भी गर दामन छोड़ दिया

तो यह रिश्ता भी हो जाता पराया।

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