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ज़रीन खान: चकाचौंध से परे एक जीवन
प्रसिद्धि समय के साथ बदल सकती है। पेशे बदल सकते हैं। जीवन की परिस्थितियाँ भी हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं। लेकिन किसी व्यक्ति ने दूसरों के जीवन को किस प्रकार छुआ, यह बात उसके जाने के बाद भी स्मृतियों में बनी रह सकती है। ज़रीन खान अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका रचनात्मक कार्य, परिवार के साथ उनका जीवन और उनसे जुड़ी स्मृतियाँ उनके जीवन की कहानी को आगे बढ़ाती रहेंगी। क्योंकि किसी जीवन की पूरी कहानी उसके अंतिम दिन पर समाप्त नहीं होती; उसका एक हिस्सा उन लोगों के हृदय में आगे भी लिखा
सुजाता सिंह
Sep 194 min read


पिता की दौलत
यह कहानी एक गहरी भावनात्मक और जीवन-मूल्य से भरी सामाजिक सच्चाई को उजागर करती है। कहानी की शुरुआत एक गांव में अकेले रह रहे बूढ़े पिता की मृत्यु से होती है। उनके दोनों बेटे, जो रोज़गार और भविष्य के लिए अलग-अलग शहरों में बस चुके थे, पिता के अंतिम संस्कार के लिए गांव आते हैं। सारे धार्मिक और सामाजिक कर्मकांड पूरे हो जाते हैं। गांव के कुछ लोग जा चुके होते हैं और कुछ अभी बैठे होते हैं, तभी बड़े भाई की पत्नी अपने पति के कान में कुछ फुसफुसाती है।
इसके बाद बड़े भाई अपने छोटे भाई को भी
श्रद्धा पटेल
Jan 23 min read
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