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इंतज़ार की बरसात

  • Dec 26, 2025
  • 2 min read

लक्ष्मी सारस्वत

छोटे से शहर के कॉलेज में जब अदिति ने कदम रखा, तो उसकी आँखों में बड़े-बड़े सपने थे। उसकी सादगी और मासूमियत ने कॉलेज में आते ही सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। वहीं दूसरी ओर, राघव कॉलेज का सबसे लोकप्रिय लड़का था - स्मार्ट, हैंडसम, और दिल का बहुत अच्छा। लेकिन राघव को प्यार पर विश्वास नहीं था। उसके लिए बस दोस्ती और मस्ती ही थी।

एक दिन कॉलेज में एक नाटक हो रहा था और अदिति को मुख्य किरदार मिला। राघव भी उस नाटक का हिस्सा बन गया, और दोनों के बीच पहली बार नज़रें मिलीं। अदिति की मासूमियत और मुस्कुराहट ने राघव के दिल में हलचल मचा दी। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती गहरी होती गई, और अदिति राघव के लिए खास बनती गई।

अदिति ने राघव में वो सच्चाई देखी, जो शायद किसी और ने कभी नहीं देखी थी। उसका दिल अब राघव के बिना अधूरा महसूस करने लगा था। उसने अपने इस प्यार का इज़हार करने की सोची। लेकिन राघव को प्यार और रिश्तों पर भरोसा नहीं था; उसके दिल में एक पुराना घाव था, जो उसने कभी किसी को नहीं बताया था।

एक दिन अदिति ने अपनी हिम्मत जुटाई और राघव के सामने अपने दिल की बात कह दी। पर राघव चुप था। उसके पास कोई जवाब नहीं था। अदिति की आँखों में आंसू थे, और उसने उसे कभी न बताने की कसम खाई थी, लेकिन दिल ने उसकी बात सुन ली थी।

अदिति ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद शहर छोड़ने का फैसला किया। राघव को ये खबर सुनते ही उसके दिल में अजीब सा दर्द उठा। उसने कभी सोचा नहीं था कि अदिति इतनी महत्वपूर्ण हो जाएगी उसके जीवन में। अदिति चली गई, लेकिन उसके प्यार की निशानियाँ छोड़ गईं। राघव का दिल अब अधूरा महसूस करता था। उसने खुद से लड़ाई की, पर अदिति की यादें उसकी हर सोच में थीं।

कई सालों बाद, राघव ने अपने दिल के जज्बातों को समझा और अदिति को वापस पाने के लिए उसे ढूंढने का फैसला किया। शहर, गलियां, यहां तक की कॉलेज के पुराने रास्तों पर वो अदिति को ढूंढने लगा। लेकिन अदिति कहीं नहीं थी। उसकी जिंदगी एक इंतज़ार बन गई थी, और हर बरसात की बूंद उसे अदिति की याद दिलाती थी।

एक दिन, जब राघव बारिश में भीगते हुए एक पुरानी किताब की दुकान में गया, तो वहां उसने अदिति को देखा। अदिति भीग रही थी, लेकिन उसकी मुस्कान में वही मासूमियत थी। दोनों की नज़रें मिलीं और राघव ने अपने जज्बातों को कहने का साहस जुटाया।

अदिति ने उसकी बात सुनी और मुस्कुराई। दोनों की आँखों में आँसू थे, और वो बरसात का मौसम गवाह बना उनके मिलन का। इंतजार खत्म हुआ, और वो दोनों एक-दूसरे के हो गए, जैसे ये बरसात हमेशा उनके इंतजार की कहानी कहती रहेगी।

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