पहेली है जिन्दगी
1 day ago
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श्यामा चंद्राकर मोना
एक अनसुनी अनसुलझी हुई
पहेली है जिन्दगी
जिसे मनन करके सिरे से
सुलझाना पड़ता है
एक अनदेखा अनकहा सच
सपना है जिन्दगी
जिसे बहुत कोशिशों से
पूरा करना पड़ता है
कुछ खोकर पाना है कुछ
पाकर खोना पड़ता है
किसी से मिलना है किसी से
बिछड़ना होता है
आशाएं हौसला देती है कभी
निराश होना पड़ता है
खुशियों को ढूंढ़ना पड़ता है
ग़म को बाँटना होता है
कभी अकेलेपन को दूर कर
हंसना पड़ता है
कभी महफ़िल को खुद को
भुलाना पड़ता है
अच्छे दोस्तों को भी
छोड़ना पड़ता है
कई बार दुश्मनों को भी
गले लगाना पड़ता है
ये ज़िन्दगी है दोस्तों सब कुछ
सहकर जीना पड़ता है
हर पल को बच्चों जैसे
आज में जीना पड़ता है
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