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नर हो, न निराश करो मन को
मैथिलीशरण गुप्त नर हो, न निराश करो मन को कुछ काम करो, कुछ काम करो जग में रह कर कुछ नाम करो यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो समझो जिसमें यह व्यर्थ...
मैथिलीशरण गुप्त
Apr 10, 20241 min read


पिता का देहांत
मुकेश ‘नादान’ समय के साथ-साथ सब कुछ ठीक ही चल रहा था कि अचानक एक दिन हृदयाघात के कारण नरेंद्र के पिता का देहांत हो गया। नरेंद्र के पिता...
मुकेश ‘नादान’
Apr 8, 20242 min read


फ्यूज बल्ब
डॉ कृष्ण कांत श्रीवास्तव एक छोटे से शहर में एक आईएएस अफसर अपने परिवार सहित रहने के लिये आये, जो हाल ही में सेवानिवृत्त हुये थे? ये अफसर...
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव
Apr 8, 20243 min read


पिता की थाली
राम कुमार शर्मा किसी गाँव में एक बूढ़ा व्यक्ति अपने बेटे और बहु के साथ रहता था। परिवार सुखी संपन्न था। किसी तरह की कोई परेशानी नहीं थी।...
राम कुमार शर्मा
Apr 5, 20242 min read


अच्छाई की जीत
विभा गुप्ता "अंशुल बेटे पापा से पूछ चाय बना दूँ।" "अंशुल, अपनी मम्मी को बोल दे, नहीं पीनी है चाय मुझे।" "अंशुल, पूछ अपने पापा से कि...
विभा गुप्ता
Apr 5, 20242 min read


शेर, चूहा और बिल्ली
अंकिता मिश्रा एक समय की बात है। अर्बुद शिखर नामक पर्वत की गुफा में दुर्दांत नाम का एक शेर रहता था। वह बड़ा ही खूंखार था। वह हर दिन अपनी...
अंकिता मिश्रा
Apr 4, 20242 min read


नरेंद्र की जीत
मुकेश ‘नादान’ 'एकरसता उनसे सहन नहीं होती थी, अत: नित्य नवीन आनंद के उपाय की खोज करनी पड़ती थी। तब यहाँ यह कह देना भी आवश्यक है कि उनके...
मुकेश ‘नादान’
Apr 3, 20242 min read


तुम्हारा लाडला
ऋतु अग्रवाल "मैं नहीं जाऊंगी" "एक बार कह दिया तो कह दिया, मैं नहीं जाऊंगी।" मानसी चिल्ला पड़ी। "क्यों नहीं जाएगी? आखिर ऐसी क्या बात है कि...
ऋतु अग्रवाल
Apr 2, 20241 min read


चालाक लोमड़ी
अविरति गौतम सालों पहले एक जंगल में गधा, लोमड़ी और शेर के बीच अच्छी दोस्ती हो गई। तीनों ने एकदिन बैठकर साथ में शिकार करने के बारे में...
अविरति गौतम
Apr 1, 20242 min read


संत की शरण
रमाकांत शास्त्री एक गांव में एक ठाकुर थे। उनके यहां एक नौकर काम करता था जिसके कुटुंब में बीमारी की वजह से कोई आदमी नहीं बचा। केवल नौकर का...
रमाकांत शास्त्री
Apr 1, 20243 min read


तमाचा
कृष्णकांत श्रीवास्तव मेम साब कल मेरे बेटे का अन्नप्राशन है यदि आप मेरे कुटिया पर पैर रख देंगी तो झोपड़ पट्टी में मेरा सम्मान बढ़ जाएगा।...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Apr 1, 20242 min read


माता का ह्रदय
प्रेमचंद माधवी की आंखों में सारा संसार अंधेरा हो रहा था। काई अपना मददगार दिखाई न देता था। कहीं आशा की झलक न थी। उस निर्धन घर में वह अकेली...
प्रेमचंद
Mar 30, 202412 min read


शिकार का ऐलान
अंकिता मिश्रा सालों पहले एक घने से जंगल में कुछ जानवर रहा करते थे। उनमें से एक शेर था और उसकी सेवा में हरदम लोमड़ी, भेड़िया, चीता और चील...
अंकिता मिश्रा
Mar 30, 20244 min read


अँगरेजी भाषण
मुकेश ‘नादान’ विद्यालय में पढ़ने के समय ही नरेंद्रनाथ की वाक्य शक्तिजागृत हो गई थी। एक बार मेट्रोपोलिटन इंस्टीट्यूट में पुरस्कार वितरण के...
मुकेश ‘नादान’
Mar 30, 20241 min read


एक व्यक्ति
विनोद कुमार शुक्ल हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था व्यक्ति को मैं नहीं जानता था हताशा को जानता था इसलिए मैं उस व्यक्ति के पास गया मैंने हाथ...
विनोद कुमार शुक्ल
Mar 29, 20241 min read


पौधे का संघर्ष
रमाकांत शुक्ल शहर से कुछ दूरी पर बसे एक मोहल्ले में रुचिका अपने हस्बैंड के साथ रहती थी। उसके ठीक बगल में एक बुजर्ग व्यक्ति अकेले ही रहा...
रमाकांत शुक्ल
Mar 26, 20243 min read


दस हजार ईंट
विकास यादव नरोत्तम सेठ आज कहीं व्यस्त होने के कारण ईंट भट्टे पर फिर अपने बेटे को ही भेजा थे। बेटे का मन क़भी भी भट्टा पर नही लगता था,...
विकास यादव
Mar 26, 20242 min read


जीवन का लक्ष्य
मुकेश ‘नादान’ 'पाश्चात्य शिक्षा के प्रभाव से नरेंद्र ने अतीत को भुलाकर वर्तमान में रहना सीखा था। उन्होंने बाइबिल भी पढ़ी थी, किंतु...
मुकेश ‘नादान’
Mar 25, 20243 min read


सात फेरों वाला विवाह
अर्जुन रेड्डी अभी एक महीना पहले की तो बात है। बकुल का विदेशी बाला से विवाह करने का निर्णय सुनने के बाद घर में भूचाल सा आ गया था। बाद में...
अर्जुन रेड्डी
Mar 25, 20241 min read


पंडित जी की वेशभूषा
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव किसी गाँव में एक पंडित थे। वह सभी शास्त्रों के अच्छे जानकार थे। वह सब कुछ जानते थे, लेकिन, इतने ज्ञानी होने के...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Mar 22, 20242 min read


मूर्खों का बहुमत
अंकिता मिश्रा किसी जंगल में एक उल्लू रहता था। उसे दिन में कुछ दिखाई नहीं देता था, इसलिए वह दिनभर एक पेड़ पर अपने घोंसले में छिपकर रहता...
अंकिता मिश्रा
Mar 22, 20242 min read


हीरे का शिलबट्टा
डॉ. जहांन सिंह ‘जहांन’ शोभाराम पन्ना जिले के किशनपुर गांव निवासी गणेश पठानी का एक बड़ा बेटा, जो पढ़ाई लिखाई में तो सामान्य पर खेलकूद में...
डॉ. जहान सिंह “जहान”
Mar 17, 20243 min read


असली हकदार
रमाकांत शास्त्री रंजन बाबू बिस्तर पर भीगी हुई पलकों को साफ करते हुए हरपल बस यही प्रार्थना करते रहते कि ईश्वर उन्हें जल्दी से अपने पास...
रमाकांत शास्त्री
Mar 17, 20243 min read
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