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अंतिम यात्रा से पहले
जीवन की अनिश्चितता हमें याद दिलाती है कि हमारे पास वास्तव में केवल वर्तमान क्षण है। जीवन की सार्थकता केवल उसकी लंबाई में नहीं, बल्कि उसमें समाहित प्रेम, करुणा, कृतज्ञता और सद्कर्मों में भी होती है।
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
1 day ago7 min read
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