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रावण

22 hours ago
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अशोक कुमार बाजपेई

 

दशहरे में,

शहर के कई मुहल्लों में

बड़े बड़े रावण जलाये गए

रावण के साथ साथ

मेघनाथ और कुम्भकर्ण भी निपटाए गए

और सबसे बड़ा रावण

शहर की सबसे बड़ी रामलीला में

मारकर जलाया गया

छोटे छोटे रावणो को

लगभग हर गली में निपटाया गया

मैने सोंचा

अब रावणो का अंत हो गया है

और कल से राम राज्य आ जायेगा

यानी अपना शहर

इंद्रपुरी के समान हो जायेगा

पर दूसरे दिन जब शहर का हाल देखा

न जाने कितने नए रावण आ गए थे

कल राम,रावण युद्ध के दौरान

मंच पर बैठे तमाम कथित' रामों ने,

लंकाधिपति का वैभव देख

अनेक छोटी छोटी सोने की लंकाये बना ली थीं

मंदोदरी तो किसी के साथ थी नहीं

सो उनमे कई कई मेनकाये बिठा ली थीं

विद्वता तो बिल्कुल नहीं

पर अहंकार रावण से ज्यादा था

इसलिए इनमें से हर रावण का पुत्र

मुहल्ले में छिछोरी हरकतों पर आमादा था

घरों में बैठा हर विभीषण

यह देखकर हैरान था

और वनवासी राम के साथ जाने को खुद तैयार था

तलाश जारी है एक अदद राम की,

जो आएं और इस पृथ्वी से,

आसुरी प्रवत्ति को मिटायें!!

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