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मित्रता हो तो ऐसी
प्रकाश लाल शर्मा शाम का अंधेरा घिर आया था। छड़ी टेकते हुए वृद्ध बनवारीलाल जी. एम. यानि जनरल मैनेजर साहब के बंगले के सामने आकर रुक गए। वे...
प्रकाश लाल शर्मा
Mar 9, 20249 min read


तुम्हारे साथ रहकर
सर्वेश्वरदयाल सक्सेना तुम्हारे साथ रहकर अक्सर मुझे ऐसा महसूस हुआ है कि दिशाएँ पास आ गई हैं, हर रास्ता छोटा हो गया है, दुनिया सिमटकर एक...
सर्वेश्वरदयाल सक्सेना
Mar 9, 20241 min read


महर्षि देवेंद्रनाथ से भेंट
मुकेश ‘नादान’ नरेंद्र की प्रवेशिका परीक्षा के कुछ दिनों बाद से ही सम्मिलित परिवार में विवाद बढ़ जाने एवं चाचा के परिवार के उत्पीड़न से...
मुकेश ‘नादान’
Mar 9, 20242 min read


सिलाई मशीन
दीपचंद अपनी मां को खुश देखकर रीतू ने हैरानी से पूछा, “क्या हुआ मां आज महीनों बाद आपके चेहरे पर ये मुस्कुराहट दिखाई दी, वरना पापा के चले...
दीपचंद
Mar 8, 20245 min read


दादी और पोती
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव "अम्मा ! मैं सुषमा और डॉली के साथ मॉल जा रहा हूँ। तुम घर का ख्याल रखना। "ठीक है बेटा ! तुम जाओ। वैसे भी मेरे पैर...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Mar 8, 20243 min read


अनजान यात्री
दीपक गौतम गौरी का रिजर्वेशन जिस बोगी में था, उसमें लगभग सभी लड़के ही थे। टॉयलेट जाने के बहाने गौरी पूरी बोगी घूम आई, मुश्किल से दो या तीन...
दीपक गौतम
Mar 6, 20242 min read


My Lovely Son
Jyoti Sriram My Lovely Son The tapestry of life woven with incredible happiness and love Bestowed on me by a sweet bundle of joy; a part...
Jyoti Sriram
Mar 6, 20241 min read


शेर और भालू
विनीता पैंगेनी श्याम नाम के जंगल में सालों पहले एक शेर रहता था। वह शेर काफ़ी चालाक था। इसे हर एक जानवर से दोस्ती करके उसका फ़ायदा उठाने...
विनीता पैंगेनी
Mar 4, 20244 min read


बस अब और नहीं
सुषमा यादव सुमन आज सुबह से ही फिर चुपके-चुपके सुबक रहीं थीं। उनके पति केशव आये और बोले, कितनी बार तुम्हें समझाया, पर तुम मेरी एक नहीं...
सुषमा यादव
Mar 4, 20243 min read


मुझे मीठा पसंद नहीं
अनिता मनोज नए शहर में व्यवस्थित होना तभी पूर्ण माना जाता है जब अच्छी कामवाली मिल जाए। सोनल की तलाश भी आख़िरकार पूरी हो ही गई। घर की...
अनिता मनोज
Mar 4, 20244 min read


पुनर्जन्म
राम प्रिया शास्त्री एक चोर ने राजा के महल में चोरी की। सिपाहियों को पता चला तो उन्होंने उसके पदचिह्नों का पीछा किया। पीछा करते-करते वे...
राम प्रिया शास्त्री
Feb 28, 20244 min read


जीवनसाथी
रमाशंकर चतुर्वेदी बाहर हो रही बरसात की गडगडाहट से कविता का दिल जोरों से धडक रहा था। वह तेजी से बर्तन और किचन साफ करते हुए अपनी मालकिन...
रमाशंकर चतुर्वेदी
Feb 28, 20242 min read


अपनी-अपनी खुशी
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक बार पचास लोगों का ग्रुप किसी सेमीनार में हिस्सा ले रहा था। सेमीनार शुरू हुए अभी कुछ ही मिनट बीते थे कि स्पीकर...
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव
Feb 28, 20242 min read


जादुई पतीला
विनीता पैंगेनी सालों पहले पीतल नगर में किशन नाम का एक किसान रहता था। वह गाँव के एक ज़मींदार के खेत पर काम करके किसी तरह अपना घर चला रहा...
विनीता
Feb 25, 20243 min read


शरणागत
वृंदावनलाल वर्मा रज्जब कसाई अपना रोजगार करके ललितपुर लौट रहा था। साथ में स्त्री थी, और गाँठ में दो सौ-तीन सौ की बड़ी रकम। मार्ग बीहड़ था,...
वृंदावनलाल वर्मा
Feb 25, 20248 min read


अंतिम ऊँचाई
कुँवर नारायण कितना स्पष्ट होता आगे बढ़ते जाने का मतलब अगर दसों दिशाएँ हमारे सामने होतीं, हमारे चारों ओर नहीं। कितना आसान होता चलते चले...
कुँवर नारायण
Feb 25, 20241 min read


यादों के झरोखे से…
डॉ. जहान सिंह “जहान” कोई यहां रहता था। वैसे इस रास्ते से कम गुजरता हूं। डरता हूं मेरे चेहरे पर उसका कोई नाम ना पढ़ ले। बस्तियों का क्या...
डॉ. जहान सिंह “जहान”
Feb 25, 20242 min read


नैनों के पेंच
विभा गुप्ता मकर-संक्रांति का त्योहार आया नहीं कि नीला आसमान रंग-बिरंगे पतंगों से सज जाते हैं। कड़कड़ाती ठंड में भी छत पर बैठकर गुनगुनी...
विभा गुप्ता
Feb 25, 20243 min read


निर्मला
रमाकांत चतुर्वेदी भाईयों ने दूसरी शादी की राय दी मगर उन्हेानें तीन बच्चों का हवाला देकर इंकार कर दिया। उनके लिए तीन बच्चों की परवरिश ही...
रमाकांत चतुर्वेदी
Feb 25, 20242 min read


नया सवेरा
संदीप तोमर अलका सिंह मायके में जितनी सबकी प्रिय थी, उतनी ही प्रिय ससुराल में भी थी। ससुर योगेन्द्र प्रताप उसे बेटी सा सम्मान और दुलार...
संदीप तोमर
Feb 22, 20244 min read
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