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निर्मला
रमाकांत चतुर्वेदी भाईयों ने दूसरी शादी की राय दी मगर उन्हेानें तीन बच्चों का हवाला देकर इंकार कर दिया। उनके लिए तीन बच्चों की परवरिश ही...
रमाकांत चतुर्वेदी
Feb 25, 20242 min read


नया सवेरा
संदीप तोमर अलका सिंह मायके में जितनी सबकी प्रिय थी, उतनी ही प्रिय ससुराल में भी थी। ससुर योगेन्द्र प्रताप उसे बेटी सा सम्मान और दुलार...
संदीप तोमर
Feb 22, 20244 min read


मेरी प्यारी अम्मा जी
डॉ सुषमा सुबह सबेरे जब चिल्लाती मेरी प्यारी अम्मा जी। खाट खड़ी सबकी करवाती मेरी प्यारी अम्मा जी। नीम बबुर की दतुइन तोड़ के सुबह सुबह हम...
डॉ सुषमा
Feb 22, 20241 min read


लालची मिठाई वाला
अंकिता मिश्रा दिनपुर गांव में सोहन नाम का हलवाई रहता था। वह खूब बढ़िया और स्वादिष्ट मिठाइयां बनाने के लिए जाना जाता था। इसी वजह से उसकी...
अंकिता मिश्रा
Feb 21, 20243 min read


रोशनी में कैद अंधेरा
मिट्ठू मिंटू बन गया। डॉ जहान सिंह ‘जहान’ तोता काशीराम 30 साल जंगल में मुनीम की नौकरी करके सेवानिवृत्त हो गया था। वह अपनी पत्नी झुमकी...
डॉ. जहान सिंह “जहान”
Feb 21, 20243 min read


रक्षा
वृंदावनलाल वर्मा मुहम्मदशाह औरंगजेब का परपोता और बहादुरशाह का पोता था। 1719 में सितंबर में गद्दी पर बैठा था। सवाई राजा जयसिंह के प्रयत्न...
वृंदावनलाल वर्मा
Feb 17, 202417 min read


सच्चा प्यार
प्रवीण केट अभी यह अरेंज मैरिज बोले तो पूनम और अक्षय दोनों ही अनजान होंगे बराबर? दोनों ही अनजान थे। उनकी शादी दोनों के परिवार वालों ने...
प्रवीण केट
Feb 17, 20246 min read


हंस और मूर्ख कछुआ
विष्णु शर्मा एक तालाब में एक कछुआ रहता था। उसी तालाब में दो हंस भी पानी पीने आते थे। जल्द ही हंस और कछुआ दोस्त बन गए। हंसों को छुए का...
विष्णु शर्मा
Feb 11, 20242 min read


मातृ दिवस
यायावर गोपाल खन्ना मैं तो कहूंगा माता-पिता के लिए तो हर दिन समर्पित है। जब ये शरीर ही माता पिता का दिया हुआ है तो उनको किसी खास दिन से...
यायावर गोपाल खन्ना
Feb 11, 20242 min read


देश का कर्ज
प्रवीण केट समर्थ :- प्रज्ञा प्लीज! मुझे मेरा काम करने दो, मुझे परेशान मत करो। ऐसी फालतू बाते सुनने के लिए मेरे पास तुम्हारे जैसा फालतू...
प्रवीण केट
Feb 9, 20244 min read


अपना फर्ज
रमाकांत अवस्थी ये क्या कर रही हो निशा तुम। अपनी पत्नी निशा को कमरे में एक और चारपाई बिछाते देख मोहन ने टोकते हुए कहा। निशा, मां के लिए...
रमाकांत अवस्थी
Feb 9, 20242 min read


संस्कार
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव वासु भाई और वीणा बेन गुजरात के एक शहर में रहते हैं। आज दोनों यात्रा की तैयारी कर रहे थे। 3 दिन का अवकाश था। पेशे...
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव
Feb 9, 20245 min read


प्रभु की लीला
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव एक बार श्री कृष्ण और अर्जुन भ्रमण पर निकले। उन्होंने मार्ग में एक निर्धन ब्राहमण को भिक्षा मागते देखा। अर्जुन...
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव
Feb 9, 20242 min read


GOA : My Dream Destination
By Akriti Singh (Class 9th) Allen House Public School, Ghaziabad Goa means gazelle. Its meaning reflects the attraction of that place....
Akriti Singh
Feb 4, 20244 min read


मन की रसीद
गोपाल मिश्रा उमड़ती हुई भीड़ से हटकर चलते हुए पूंजीलाल जी ने अपने दोनों हाथों को कुरते की जेब में डालकर नोटों के सही सलामत होने पर सुकून की...
गोपाल मिश्रा
Feb 4, 20244 min read


महंगाई की मार
मुदित अग्रवाल महंगाई की मार जनता हो रही है बरवाद इसको कौन बचाएगा महंगाई की बढ़ रही मार जीवन कैसे कट पायेगा। महंगाई तो बढ़ती जा रही बढ़ते...
मुदित अग्रवाल
Feb 2, 20241 min read


परिंदे की दास्तां
धीरज सिंह उड़ जा पंछी दूर गगन में वो ही तेरा बसेरा है, इस धरती पर और इस जग में कोई नहीं अब तेरा है। आसमां तुझे हाथ फैला कर पल भर में अपना...
धीरज सिंह
Feb 2, 20241 min read


जिंदगी
सुरेंद्र गुप्त सीकर मेरे संग आगे-आगे जाती हुई लड़की मेरे संग पीछे-पीछे आती हुई लड़की रोती हुई रूठी और मनाती हुई लड़की पल-पल मृदु मुस्काती...
सुरेंद्र गुप्त सीकर
Feb 2, 20241 min read


समर्पण
प्राची मिश्रा आराधन तुम प्रियवर मेरा हियवंदन नित करते जाना जीवन का तुम आधार प्रिये तृण तृण हमको ढलते जाना। किस ओर चला ये मन मेरा किसने...
प्राची मिश्रा
Feb 2, 20241 min read


मृगतृष्णा
जे. पी. डिमरी जल विहीन धरती जलमय सी, मृगतृष्णा कहलाती है, प्यास पथिक की बढ़ा-बढ़ा, जीवन का नाच नचाती है। रश्मि-परिवर्तन से भ्रमिक,...
जे. पी. डिमरी
Feb 2, 20241 min read


प्यार के एहसास
संदीप यह कहानी तेरी मेरी है। किसी और की नहीं इसमे मैं राजा तू रानी है। अपनी शुरू होती कुछ ऐसे कहानी है, किसी और की नहीं। एक प्यारी सी...
संदीप
Feb 2, 20241 min read


नगाड़ों में तूती-नाद
सत्येंद्र तिवारी स्वतंत्र हो गए हैं हम स्वतंत्र हो गए, खुदगर्ज मकसद का प्रजातंत्र हो गए। हर गांव की डगर-डगर शहरों की हर गली माता-पिता बहन...
सत्येंद्र तिवारी
Feb 2, 20241 min read
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