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आदर्श सलाह
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक चूहा एक कसाई के घर में बिल बना कर रहता था। एक दिन चूहे ने देखा कि उस कसाई और उसकी पत्नी एक थैले से कुछ निकाल...
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव
Apr 10, 20252 min read


डर के आगे जीत
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक दिन एक कुत्ता जंगल में रास्ता खो गया। तभी उसने देखा कि एक शेर बहुत तेजी से उसकी तरफ आ रहा है। कुत्ते की सांस...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Mar 28, 20252 min read


खुशी...
मंजू सक्सेना उसके पास चालीस की उम्र होते होते सब कुछ था। अच्छी सरकारी नौकरी, सुंदर और सुलक्षणा पत्नी, दो प्यारे बच्चे, अपना मकान पर फिर...
मंजू सक्सेना
Mar 28, 20252 min read


मूंछ का बाल
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव बहुत समय पहले की बात है, एक वृद्ध सन्यासी हिमालय की पहाड़ियों में कहीं रहता था। वह बड़ा ज्ञानी था और उसकी...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Mar 17, 20252 min read


सच्ची खुशी
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव जवानी के समय में शारीरिक चाहतें आसमान छू कर बोलने लगती हैं, और पहले 20 साल तेजी से समाप्त हो जाते हैं। इसके...
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव
Mar 14, 20254 min read


एक कर्ज़ ऐसा भी...
ऋतिक द्विवेदी "डॉक्टर साहब, जब आप छुट्टी पर थे, तब कोई आदमी अपनी माँ को यहाँ भर्ती कराकर चला गया और आज तक वापस नहीं आया। समस्या ये है कि...
ऋतिक द्विवेदी
Feb 20, 20252 min read


अनजान देवता
आशीष चौहान रमाशंकर की कार जैसे ही सोसायटी के गेट में घुसी, गार्ड ने उन्हें रोक कर कहा- “साहब, यह महिला आपके नाम और पते की चिट्ठी लेकर न जाने कब से भटक रही हैं।” रमाशंकर ने चिट्ठी लेकर देखा, नाम और पता तो उन्हीं का था, पर जब उन्होंने चिट्ठी लाने वाली की ओर देखा तो उसे पहचान नहीं पाए। चिट्ठी एक बहुत ही गरीब कमजोर महिला ले कर आई थी। उनके साथ बीमार सा एक लड़का भी था। उन्हें देख कर रमाशंकर को तरस आ गया। शायद बहुत देर से वे घर तलाश रही थी। उन्हें अपने घर लाकर कहा, “पहले तो आप बैठ
आशीष चौहान
Feb 19, 20252 min read


निःस्वार्थ बलिदान
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक छोटे से कस्बे में राघव नाम का एक व्यक्ति रहता था। वह एक साधारण मजदूर था, जिसने अपनी पूरी ज़िंदगी मेहनत करके...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Feb 10, 20253 min read


बरसात की रात
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव दो-तीन दिन पहले की बात है। मैं अपनी 8 वर्षीय बेटी को स्कूल से लेने के लिए तीन बजे स्कूल के गेट पर पहुंचा। वहाँ...
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव
Feb 7, 20252 min read


शराब की दुकान
रामशंकर द्विवेदी रघु एक छोटे से गांव का मेहनती किसान था। उसके पास खेती के अलावा और कोई साधन नहीं था, लेकिन मेहनत के बल पर वह अपना और...
रामशंकर द्विवेदी
Jan 26, 20252 min read


आंटी नहीं 'मां'
रूपाली चौधरी रात दस बजे के क़रीब, थकी-हारी नेहा घर पहुंची तो भाभी ने रूखेपन से कहा, "दीदी, तुम्हारा खाना ढंक रखा है, चाहो तो गरम करके खा...
रूपाली चौधरी
Jan 13, 202510 min read


अधूरी ख्वाहिशें
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव माँ के दहेज में बोन चाइना का एक नाजुक टी सेट आया था। माँ उस टी सेट को किसी खजाने की तरह संजो कर रखती थीं,...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Jan 11, 20252 min read


अच्छाई की जीत
रमाशंकर द्विवेदी प्रबुद्ध नाम का बटेर था जो कि स्वभाव से बड़ा दयालु और परोपकारी था। वह हर एक जीव को अपने समान ही मानता है और इसलिए कभी...
रमाशंकर द्विवेदी
Dec 20, 20244 min read


पुत्र की भूल
डॉ. कृष्ण कांत श्रीवास्तव एक बार पिता और पुत्र जलमार्ग से यात्रा कर रहे थे, और दोनों रास्ता भटक गये। वे दोनों एक जगह पहुँचे,...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Dec 16, 20241 min read


जीवन की सीख
रमाशंकर द्विवेदी एक बार की बात है। एक खूबसूरत लड़की अपने शादी-शुदा जिंदगी से तंग आकर अपने जीवनसाथी की हत्या करना चाहती थी। एक सुबह वह...
रमाशंकर द्विवेदी
Nov 29, 20242 min read


1 रू के बदले 100 रू
रूपाली सिंह एक फोटो कापी की दुकान पर एक लड़का उम्र लगभग 22, एक लड़की लगभग 19 साल की, एक लड़का लगभग 35 वर्ष का दाखिल हुए। काफी जल्दबाजी...
रूपाली सिंह
Oct 31, 20243 min read


खोमचे वाला
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक आदमी था, जो कॉन्वेंट स्कूल में पीरियड और छुट्टी की घंटा बजाता था। टन..टन..टन..टन..टन..। एक दिन स्कूल के नए...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Oct 26, 20241 min read


सारा की छड़ी
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक लड़का अपने बूढ़े दादा के पास गया और पूछा, "दादाजी, क्या आप मुझे कोई नैतिक शिक्षा वाली कहानी सुना सकते हैं?"...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Oct 25, 20242 min read


लोहार
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक बढ़ई किसी गांव में काम करने गया, लेकिन वह अपना हथौड़ा साथ ले जाना भूल गया। उसने गांव के लोहार के पास जाकर...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Oct 23, 20242 min read


असली मानवता
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव अमेरिका के एक रेस्तरां में वेट्रेस ने एक आदमी और उसकी पत्नी को लंच का मेनू दिया और मेनू देखने से पहले, उन्होंने...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Oct 17, 20243 min read
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