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सफलता का रहस्य
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक बार एक व्यक्ति ने सुकरात से पूछा कि “सफलता का रहस्य क्या है?” सुकरात ने उस इंसान को कहा कि वह कल सुबह नदी के...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Oct 7, 20251 min read


बादशाह का कुत्ता
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव ये कहानी है एक बादशाह की जिसे अपने कुत्ते से बड़ा प्यार था और वो हमेशा शाही अंदाज में रहता था। बादशाह के राज्य...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Oct 7, 20253 min read


अपनी असीम शक्तियों को पहचानिए
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव मनुष्य वह अद्भुत रचना है, जिसमें ईश्वर ने असीम शक्तियों को छिपा रखा है। लेकिन बहुत से लोग अपने जीवन में कभी उन शक्तियों को पहचान ही नहीं पाते। वे बाहरी दुनिया की समस्याओं, चुनौतियों और असफलताओं में उलझकर अपने आत्मबल को भूल जाते हैं। जब जीवन में संघर्ष आता है, तब हम हार मान लेते हैं और अपनी कमज़ोरियों को दोष देने लगते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि हर व्यक्ति के भीतर वह शक्ति है जो पर्वत को भी हिला सकती है। यदि हम अपने भीतर झाँकें, अपने मन की शक्ति को पहचा
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Oct 3, 20254 min read


बड़े बदलाव के लिए आज छोटी शुरुआत करें
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव बदलाव की बात करते ही हमारे मन में एक बड़ी तस्वीर उभरती है – जैसे जीवन पूरी तरह बदल जाए, समाज में क्रांति आ जाए, या देश प्रगति की नई ऊँचाइयों को छू ले। परंतु हम यह भूल जाते हैं कि हर बड़ा बदलाव एक छोटी शुरुआत से ही जन्म लेता है। समुद्र की शुरुआत एक छोटे से जलकण से होती है और पर्वत की ऊँचाई एक-एक कण से बनती है। ठीक उसी तरह, यदि हम अपने जीवन, समाज या देश में कुछ बड़ा बदलाव लाना चाहते हैं, तो उसकी पहली ईंट आज की छोटी कोशिश होनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति क
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Oct 2, 20254 min read


समय का सदुपयोग करें
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव "समय अमूल्य है" – यह वाक्य हम सभी ने अनगिनत बार सुना है। पर क्या हम वास्तव में इस अमूल्य धन का सही उपयोग करते...
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव
Oct 1, 20254 min read


बनिये का बेटा
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक गाँव में एक बनिया रहता था, उसकी बुद्धि की ख्याति दूर दूर तक फैली थी।एक बार वहाँ के राजा ने उसे चर्चा पर...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Oct 1, 20252 min read


अपने काम से काम रखिये
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव एक पठान के पास एक बकरा और एक घोडा था। जिन्हें वो बहुत प्यार करता था। एक बार अचानक घोडा बीमार पड़ गया और बैठ...
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव
Sep 25, 20252 min read


रक्षाबंधन
ब्रिज उमराव भाई बहन का प्यार, यह राखी का त्योहार। बहना दूर से चलकर आई, कम न हो अपना प्यार।। प्रेम प्यार सुचिता का संगम, न हो मलाल मन...
ब्रिज उमराव
Sep 23, 20251 min read


चरित्रहीन
ममता पाण्डेय ये वक्त है आने का? मनोहर से रहा न गया। क्या करूं। काम ही ऐसा है? घर में घुसते हुए रागिनी ने जवाब दिया। रात ग्यारह बजने को...
ममता पाण्डेय
Sep 18, 20258 min read


किसान की चतुराई
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव रहमत नगर में माधो नाम का एक किसान रहता था। उसके पास कई सारे खेत थे। लेकिन, उसका खेत पहाड़ी क्षेत्र में होने के...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Sep 18, 20252 min read


तसला और कटोरा
डॉ. कृष्ण कांत श्रीवास्तव यह कहानी उस वक्त की है, जब किसी आंदोलन के कारण महात्मा गांधी बड़ौदा जेल में बंद थे। इस वक्त तक गांधी जी का नाम...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Sep 17, 20252 min read


प्रेम भाव
विद्याशंकर एक करोड़पति बहुत अड़चन में था। करोड़ों का घाटा लगा था, और सारे जीवन की मेहनत डूबने के करीब थी। नौका डगमगा रही थी। कभी मंदिर नहीं...
विद्याशंकर
Sep 6, 20252 min read


समर्पण
स्नेह लता अग्रवाल ये कहानी है सुरभि की, जो भोपाल की रहने वाली थी। सुरभि की शादी के बाद वो अपने ससुराल ग्वालियर पहुंची। शादी की रौनक खत्म...
स्नेह लता अग्रवाल
Sep 6, 20253 min read


रोज कुछ नया जीवन में उतारें
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव जीवन एक निरंतर बहती नदी है, जो कभी नहीं रुकती। हर दिन हमारे जीवन में एक नया अवसर लेकर आता है – कुछ नया सीखने,...
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव
Aug 16, 20254 min read


सकारात्मक संगति में रहें
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव “संगति का असर गहरा होता है, या तो यह आपको ऊँचाइयों पर पहुँचा सकती है या फिर गर्त में गिरा सकती है।” हमारे जीवन...
डॉ. कृष्णा कांत श्रीवास्तव
Aug 16, 20254 min read


गलत धारणा
रवि शंकर गुप्ता "लीजिए भाभी मुंह मीठा कीजिए।" आशीष जी ने अपनी भाभी रमीला जी को मिठाई देते हुए कहा। रमीला जी मिठाई मुंह में रखकर बोली। "देवर जी किस चीज की मिठाई बाटी जा रही है। लगता है अबकी बार तो बेटा हुआ है देवरानी जी को।" "नहीं भाभी बेटा नहीं दूसरी भी लक्ष्मी ही आई है। और उसके आने की खुशी में ही मिठाई बांट रहा हूं।" आशीष जी ने खुश होकर अपनी भाभी से कहा। बेटी का नाम सुनकर रमीला जी का मानो मुंह कड़वा हो गया हो। मानो उन्होंने मिठाई ना खा कर कुछ कड़वी बुरी चीज खाली हो। वह ए
रवि शंकर गुप्ता
Aug 2, 20257 min read


ऐसी होती हैं बेटियां
जमुना प्रसाद मिश्र लड़कियों के एक विद्यालय में आई नई अध्यापिका बहुत खूबसूरत थी, बस उम्र थोड़ी अधिक हो रही थी लेकिन उसने अभी तक शादी नहीं की थी। सभी छात्राएं उसे देखकर तरह-तरह के अनुमान लगाया करती थीं। एक दिन किसी कार्यक्रम के दौरान जब छात्राएं उसके इर्द-गिर्द खड़ी थीं तो एक छात्रा ने बातों बातों में ही उससे पूछ लिया कि मैडम आपने अभी तक शादी क्यों नहीं की...? अध्यापिका ने कहा- "पहले एक कहानी सुनाती हूं। एक महिला को बेटे होने की लालच में लगातार पांच बेटियां ही पैदा होती रहीं
जमुना प्रसाद मिश्र
Aug 2, 20252 min read


संतोष का फल
रंजना द्विवेदी विलायत में अकाल पड़ गया। लोग भूखे मरने लगे। एक छोटे नगर में एक धनी दयालु पुरुष थे। उन्होंने सब छोटे लड़कों को प्रतिदिन एक...
रंजना द्विवेदी
Jul 29, 20251 min read


उम्मीद
अरविंद नौखवाल एक पुत्र अपने वृद्ध पिता को रात्रिभोज के लिये एक अच्छे रेस्टोरेंट में लेकर गया। खाने के दौरान वृद्ध पिता ने कई बार भोजन...
अरविंद नौखवाल
Jul 29, 20252 min read


सर्वस्व दान
बाजार वालों में श्रद्धा थी। साधु विद्वान थे। उन्होंने घर-घर जाकर चंदा एकत्र किया। मन्दिर बन गया। भगवान् की मूर्ति की बड़े भारी उत्सव के साथ पूजा हुई। भण्डारा हुआ। सबने आनन्द से भगवान् का प्रसाद लिया।
रीता देवी
Jul 27, 20251 min read


गाली पास ही रह गयी
‘पश्चात्ताप करने तथा फिर ऐसा न करने की प्रतिज्ञा करने से अपराध दूर हो जायगा। और ‘राम-राम’ कहने से मुख शुद्ध हो जायगा।’
रमेश द्विवेदी
Jul 27, 20251 min read


असफलता से न डरें
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव "असफलता" – एक ऐसा शब्द जिसे सुनते ही हमारे मन में नकारात्मक भावनाएँ उमड़ने लगती हैं। डर, निराशा, संदेह, हताशा –...
डॉ. कृष्णकांत श्रीवास्तव
Jul 17, 20254 min read


स्वच्छता
रंजन कुमार एक किसान ने एक बिल्ली पाल रखी थी। सफेद कोमल बालों वाली बिल्ली किसान की खाटपर ही रात को उसके पैर के पास सो जाती थी। किसान जब...
रंजन कुमार
Jul 17, 20252 min read
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